राष्ट्रपति मैडल से सम्मानित डीएसपी आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार..

admin
Read Time:3 Minute, 9 Second

पंकज चतुर्वेदी।।

अपनी बहादुरी के लिए राष्‍ट्रपति मैडल से सम्‍मानित जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के एक अधिकारी को शनिवार को दो आतंकियों के साथ श्रीनगर-जम्‍मू हाईवे पर एक गाड़ी में सफर करते वक्‍त पकड़ा गया.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये आतंकी दिल्‍ली जा रहे थे. संवेदनशील श्रीनगर अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात डीएसपी दविंदर सिंह को कुलगाम जिले के वनपोह में हिजबुल मुजाहि‍दीन के आतंकी नवीद बाबू के साथ पकड़ा गया. बाबू पर अक्‍टूबर और नवंबर महीने में दक्षिण कश्‍मीर में 11 गैर कश्‍मीरियों की हत्‍या में शामिल होने का आरोप है जिनमें मजदूर और ट्रक ड्राइवर शामिल थे.
पिछले साल अगस्‍त महीने में जम्‍मू कश्‍मीर से विशेष राज्‍य का दर्जा हटाए जाने के बाद इन हत्‍याओं की श्रृंखला को अंजाम दिया गया था, ताकि सेब उद्योग को नुकसान पहुंचाया जा सके.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वो नवीद बाबू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और जब उसने अपने भाई को फोन किया तो उसके ठिकाने का पता चला. पुलिस ने वनपोह में एक गाड़ी को रोका जिसमें हिजबुल आतंकी जो कि एक पूर्व विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) भी रहा है, उसके साथी आसिफ और डीसीपी दविंदर सिंह यात्रा कर रहे थे. सनद रहे इसी पुलिस अधिकारी पर अफ़ज़ल गुरु ने आरोप लगाया था कि यह आतंकवादयों को प्लांट करता है। सिंह का नाम 2001 में संसद पर हुए हमले के दोषी अफजल गुरू के साथ भी जोड़ा गया था जिसमें दोनों के संपर्क की बात कही जा रही थी. गुरू को 2013 में फांसी दे दी गई थी. सिंह को क्लीन चिट मिल गई थी.
अंदेशा है कि इस पुलिस अफसर ने दिल्ली में किसी से डील की थी कि 26 जनवरी से पहले एनकाउंटर का खेल खेला जाए ताकि दिल्ली पर आतंकी ख़तरे की हवा फैला कर आंदोलनों को कमजोर किया जा सके।

दविंदर सिंह को पिछले वर्ष 15 अगस्‍त को राष्‍ट्रपति पुलिस मेडल से सम्‍मानित किया गया था. दविंदर सिंह और नवीद बाबू की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने श्रीनगर और दक्षिण कश्‍मीर में कई जगहों पर छापे मारे और भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किया जिसे डीसीपी व अन्‍य आतंकियों ने छुपा रखा था.

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

क्या कनेक्शन था देविंदर सिंह, अफ़ज़ल गुरु और संसद हमले के बीच.?

-सुरेंद्र ग्रोवर।।आप चौंक जाएंगे रविवार को 4 आतंकवादियों के साथ धरे गए जम्मू कश्मीर के पुलिस उपाधीक्षक देविंदर सिंह का अफजल गुरु से कनेक्शन जानकर और सोच में पड़ जाएंगे कि 2001 में संसद पर हुए हमले में अफजल गुरु ने साज़िश रची थी या फिर वो महज एक कठपुतली […]
Facebook
%d bloggers like this: