Home देश सीबीआई के निर्देश पर प्रेस क्लब की जांच..

सीबीआई के निर्देश पर प्रेस क्लब की जांच..

-महेश झालानी।।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निर्देश पर भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक (विजिलेंस) ने त्रिमूर्ति सर्किल स्थित एसबीआई की शाखा द्वारा पिंकसिटी प्रेस क्लब लिमिटेड को 14.69 लाख रुपये के अनियमित भुगतान की जांच प्रारम्भ कर दी गई है । बैंक प्रबंधन की ओर से श्री सूरज मीणा जांच कर रहे है । मीणा कल 2 जनवरी को प्रेस क्लब भी पूछताछ के लिए आये थे । आरोपी लक्ष्मण मीणा के सूरज मीणा नजदीकी रिश्तेदार बताए जाते है ।

ज्ञातव्य है कि 23 अप्रेल, 2019 को आयोजित प्रबन्ध कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त दस्तखतों से क्लब की राशि आहरित करने का निर्णय लिया गया । इस आशय का प्रस्ताव त्रिमूर्ति सर्किल स्थित एसबीआई की ब्रांच को प्रस्तुत किया गया । अध्यक्ष, महासचिव तथा कोषाध्यक्ष के बीच आपसी तनाव तथा मनमुटाव के बाद कोषाध्यक्ष रघुवीर जांगीड़ ने 25 अक्टूबर, 2019 को एक पत्र बैंक को पेश कर बैंक खाता फ़्रीज करने का आग्रह किया गया । जांगीड़ ने बैंक को सौंपे पत्र की प्राप्ति भी बैंक कर्मचारी अंजलि जैन से प्राप्त करली ।

प्रेस क्लब के अध्यक्ष अभय जोशी और महासचिव मुकेश चौधरी ने बैंक को गुमराह और गलत दस्तावेज पेश कर 14.69 रुपये की राशि बैंक से प्राप्त कर उसका दुरुपयोग किया । अभय जोशी और मुकेश चौधरी ने बैंक को सौंपे पत्र में उल्लेख किया कि कोषाध्यक्ष रघुवीर जांगीड़ को क्लब की सदस्यता से टर्मिनेट कर दिया गया है । बैंक अधिकारियों ने आंख मूंदकर 14.69 लाख रुपये का गैरकानूनी तरीके से भुगतान कर दिया । उल्लेखनीय है कि रघुवीर जांगीड़ को कभी भी क्लब की सदस्यता से टर्मिनेट नही किया गया । उल्टे अभय जोशी और मुकेश चौधरी को ही एजीएम में निष्कासित किया गया ।

ज्ञात हुआ है कि बैंक का विजिलेंस विभाग, सीबीआई द्वारा लक्ष्मण मीणा, अंजलि जैन, अभय जोशी और मुकेश चौधरी को अभियुक्त बनाकर अदालत में चालान पेश किया जाएगा । यदि बैंक प्रबंधन ने लीपापोती की कोशिश की तो रघुवीर जांगीड़ की ओर से अदालत में 156 (3) के अंतर्गत इस्तगासा दायर किया जाएगा । तब इन अभियुक्तों के अलावा बैंक का विजिलेंस विभाग भी कठघरे में खड़ा हो जाएगा ।

Facebook Comments
(Visited 5 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.