इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-त्रिभुवन।।

साहित्य कुछ नहीं होता। सिर्फ़ अभिव्यक्ति का वह प्रकार है, जो आपको सामान्य लोगों से अलग करता है।

प्रतिष्ठित बुकर सम्मान से सम्मानित लेखिका और एक्टिविस्ट अरुंधति रॉय का नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर यानी एनपीआर को लेकर दिया गया बयान लेखकीय गरिमा के अनुरूप नहीं है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में हुए एक कार्यक्रम में अरुंधति रॉय ने कहा, ”एनपीआर वाले लोग आएं और नाम पूछें तो अपना नाम रंगा-बिल्ला रख दो या कुंग-फू कुत्ता। 7 रेसकोर्स पता दे दो। एक फ़ोन नंबर तय कर लेते हैं…।” रंगा और बिल्ला दो खूंखार अपराधी थे, जिन्हें 1982 में बलात्कार और हत्या के मामले में फांसी दी गई थी।

अरुंधति की भाषा का यह स्तर अफ़सोसनाक़ है। यह बता रहा है कि भारतीय समाज के मूल्यों में गिरावट किस स्तर तक आ रही है। देश के प्रधानमंत्री ऐसे शब्दों का चुनाव करने लगें, जिससे नैतिक ऊंचाइयों से फिसलन दिख रही हो तो समझा जा सकता है कि वह उनके हताश मन की अपसांस्कृतिक अभिव्यक्ति है। राजनेता अक्सर ऐसा करते हैं, क्योंकि वे संस्कृति का नहीं, सत्तावादी राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं। अभी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, हमारे राजनेता नैतिक स्खलन वाली ऐसी शब्दावली का प्रयोग करते हैं। इस मामले में राजीव गांधी और नरेंद्र मोदी में एक सहज स्पर्धा सी दिखती है। लेकिन राजीव गांधी वे बयान अब लोगों के अवचेतन से हट चुकेे हैं, इसलिए शायद यह तुलना ठीक नहीं लगे।

साहित्य संस्कृति का जीवंत हिस्सा है। यह सौंदर्यपरक मूल्यों की अभिव्यक्ति की पांडुलिपि है। यह नैतिक व्यवहार बोध की थाती है। यह हमारी आध्यात्मिक मूल्यों की प्रक्रिया की बहुमूल्य मंजूषा है। यह हमारे आचरण और व्यवहार से जुड़ा एक ज़रूरी धर्म है। यह हमारे विचारों, आस्थाओं, मूल्यों, रुचियों, आदतों, परंपराओं, रीति रिवाज़, वर्ण, साहित्य, कला, विज्ञान और संपूर्ण शिक्षा का नैतिक हिमालय है। अगर इस पर खड़ा कोई गर्वीला व्यक्ति इस तरह फिसलता है तो यह चिंता का विषय है।

मेरी निगाह में साहित्य को आत्मार्पित होना धर्म को समर्पण से भी महत्वपूर्ण है। साहित्य एक बहुत ही विस्तृत अवधारणा और जीवन पद्धति है।विभिन्न प्रकार की मानवीय गतिविधियों की सटीक अभिव्यक्ति जितनी साहित्य या संस्कृति शब्द से होती है, वह किसी और से नहीं।

यह समय ऐसा है, जब पूरे वातावरण में अनैतिकता तैर रही है। आचरण और व्यवहार का शायद ही कोई ऐसा पतित मानदंड हो, जिससे आज के साहित्य, संस्कृति, राजनीति, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, धार्मिक संस्थान आदि बचे हुए हों। ये पतित मानदंड एक ऐसे अपसांस्कृतिक मॉडल का सृजन कर रहे हैं, कहीं दंभ तो कहीं चापलूसी काे आत्मसात किए है। देश के उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आक्रामक और दुर्व्यवहार वाली मुद्राएं बना रहे हैं तो अरुधंति रॉय जैसे लेखक भी उन्हें टक्कर देने उन जैसी भाषा पर उतर आए हैं। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि इस देश को ऐसे प्रधानमंत्री मिलेंगे, जो पद पर रहते हुए झूठ बोलेंगे, विपक्षी दलों को भौंकते कुत्ते कहेंगे या विरोधियों को नानी याद दिला देंगे, जैसे शब्दों का प्रयोग करेंगे? इंदिरा गांधी के समय शुरू हुई पतन की यह संस्कृति राजीव गांधी तक आते-आते दंभ के सभी आचरणों को प्रस्तुत कर रही थी तो आज यह झूठ और आैद्धत्य की उच्च सीमाओं को लांघ रही है। चिंता की बात यह है कि इस युग के प्रतिरोध की निर्भीक अभिव्यक्ति बन चुकी अरुंधति अगर यह इसी अपसांस्कृतिक मलकुंड में उतर आई हैं तो बाकी सब का क्या बनेगा?

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
No tags for this post.

By admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

×

फेसबुक पर पसंद कीजिये

Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son