क्या है CAA और NRC? जानिए इस कहानी के माध्यम से..

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एक दिन एक एयरोप्लेन उड़ाने वाला पायलट किसी एक गांव में जाता है। वो वहां के सभी लोगों को अपने प्लेन में बैठ के सफ़र करने के लिए गुज़ारिश करता है। लोगों का भी बहुत मन होता है हवाई यात्रा करने का तो वो उसकी बातों में काफी जल्दी आ जाते है और फिर वो पायलट लोगों को अपने बड़े से हवाई जहाज में बैठा लेता है।

आधे घंटे बाद जब प्लेन आसमान को छूने लगती है। लोग बहुत खुशी-खुशी यात्रा का आनंद लेे रहे होते है। तब कुछ ही देर में वो पायलट अपने कुछ आदमियों को वहां बैठे लोगों के बीच भेजता है। जब पायलट के आदमी वहां आते है तो लोगों से उनके पूर्वजों का पहचान पत्र मांगने लगते है, उन्हें कहते है अपने ज़मीन का काग़ज़ दिखाओ, स्कूल और कॉलेज का सर्टिफिकेट दिखाओ, पैन कार्ड दिखाओ, आधार कार्ड दिखाओ, राशन कार्ड दिखाओ, एलआईसी का पेपर दिखाओ, वोटर आईडी प्रूफ दिखाओ।

वहां बैठे तमाम लोग हक्के-बक्के से रह जाते है। हालांकि वहां कुछ लोग पढ़े लिखे भी होते है,तो वो जरूरी के काग़ज़ात अपने साथ लेकर प्लेन में आए होते है और चुकी उनके पास वो सारे दस्तावेज होते है जो पायलट को चाहिए इसीलिए वो बच जाते है और पायलट की लिस्ट से बाहर हो जाते है।

इसके अलावा वहां कुछ लोग काफ़ी पैसों वाले होते है, बहुत अमीर होते है। वो पायलट द्वारा भेजे गए कर्मचारियों से अपने पैसों के दम पर काग़ज़ात बनवा लेते है। और इसके कारण वो भी पायलट के लिस्ट में आने से बच जाते है।

लेकिन वहां ऐसे लोगों की संख्या भी होती है जो अनपढ़ होते है, गरीब होते है, अनाथ होते है, जिनका घर नहीं होता है, जिनको जमीने नहीं होती है, जो किराए के मकान में रहते है, जो कहीं दूसरे जगह से वहां आकर बसे होते है, जिनका घर बाढ़ में बह गया होता है, जो भिक्षा मांगते है, जो मंदिरों – मस्जिदों में सोते है। वो लोग फंस जाते है और जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पाते है जिसके कारण वो पायलट की लिस्ट में आ जाते है।

अब पायलट लिस्ट देखता है और फिर कुछ देर तक सोचता है और लोगों के सारे रिकॉर्ड चेक करता है। अब उसको पता चलता है कि जो लोग दस्तावेज जमा नहीं करवा पाए है वो ज्यादातर उसके ही समुदाय से है और वहीं लोग उसको उस गांव में लेकर आए थे, फिर वो उन्हें बचाना चाहता है जिसके लिए वो एक और नियम बनाता है जिसके तहत वो अपने समुदाय के लोगों को दस्तावेज नहीं होने के बावजूद भी उनलोगों की श्रेणी में भेज देता है जो दस्तावेज जमा करवा चुके होते है।

फिर कुछ देर बाद पायलट वहां उपस्थित लोगों के बीच पैराशूट बंटवाता है। पैराशूट उन्हीं लोगों को मिलता है जो दस्तावेज़ जमा कराने वाले श्रेणी में होते है, और जो दस्तावेज़ जमा नहीं करवा पाते वो गरीब बेबस लोग बस पायलट का मुंह ताकते नज़र आते है।

अभी लोगों को पैराशूट मिला ही होता है तबतक पायलट के तरफ से एक हुक्म आता है जो सभी को मानना होता है। पायलट सभी लोगो को प्लेन से कूदने को कहता है, जिनके पास पैराशूट है उन्हें भी जिनके पास नहीं है उन्हें भी)।

फिर कूदने कि तैयारी शुरू हो जाती है, लोग ये भूल जाते है कि वहां से कूदने के बाद उनकी दुनिया उजड़ जाएगी और वो कितने अलग हो जाएंगे, लोगों को ये मालूम ही नहीं होता है कि वहां से कूदने के बाद फिर वो वापस अपनी दुनिया में नहीं पहुंच पायेंगे, तमाम लोग इस बात से अपरिचित होते है कि उनके ही लोगों को उनसे अलग किया जा रहा होता है। हालांकि बहुत सारे लोग वहां से कूदने के बाद मर जाने वाले होते है लेकिन किसी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

अंततः सभी लोग कूद जाते है। एक दूसरे से अलग हो जाते है। हवा का बहाव उन्हें बहुत दूर लेे जाके छोड़ देता है। बिना पैराशूट वाले सभी लोग मर जाते है। सामाजिक एकता और अखंडता को तोड़ने में वो पायलट सफल हो जाता है। लोगो के समुदाय और धर्म के आधार पर एक दूसरे से बांटने में वो सफल हो जाता है। क्षेत्र के आधार पर वो सबको टुकड़ों में बांट देता है और फिर टुकड़ों में बंटे हुए लोगों पर अपनी तानशाही स्थापित कर उनपर राज करता है।

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admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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