इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

ग्रामीणों में जनसुनवाई को लेकर गहरा-आक्रोश,कम्पनी और प्रशासन फ़र्ज़ी पंचायत प्रस्ताव के बूते जन-सुनवाई सम्पन्न कराने के प्रयास में..ग्रामीण फ़र्ज़ी प्रस्ताव पेश करने के नाम पर कम्पनी प्रबन्धन पर f i r करने की मांग कर रहे है

रायगढ़ से नीतिन सिन्हा की रिपोर्ट

रायगढ़ । जिले में एक तरफ जहाँ पर्यावरणीय व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ चुकी है। वहीं दूसरी तरफ जिले में तमाम विरोधों के बावजूद जिले के बचे-खुचे प्राकृतिक संसाधनों की लूट के शामिल उद्योगों की फर्जी जन-सुनावाईयां भी ज़ोरों पर है। इस क्रम में 8 दिसम्बर 2019 को घरघोड़ा तहसील में के अंतर्गत ग्राम भेगारी में महावीर कोल वाशरी की प्रस्तावित जनसुनावाई होने जा रही है। इस जनसुनावाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। जबकि जिले का प्रशासन और पर्यावरण विभाग मौन साधे बैठा है।
महावीर कोल वाशरी की प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर जहाँ आक्रोशित ग्रामीण स्थानीय स्तर पर तो जमकर विरोध कर ही रहे हैं,वही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने दो दिन पूर्व जिला मुख्यालय आकर पर्यावरण विभाग कार्यालय के सामने विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि महावीर कोल वासरी की जनसुनवाई से दर्जनों गावों का पर्यावरण प्रभावित होगा। इस वजह से भेंगारी ग्राम के ग्रामीण रायगढ़ पहुंचकर यहां क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी के विरुद्ध जमकर नारेबाजी किया। जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि प्रस्तावित जनसुनवाई प्रशासन के द्वारा जबरन कराई जा रही है। जबकि पूर्व में जिन कारणों से कोलवाशरी की जनसुनवाई को निरस्त किया गया था,आज भी वही कारण जस की तस बनी हुई हैं। यही कारण है कि महावीर की होने वाली जनसुनवाई ग्रामीणों के हित में नहीं है। कम्पनी की बनाई ईआईए रिपोर्ट भी झूठ का पुलिंदा है हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।

 

ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को सौपें ज्ञापन में कहा गया है कि ईआईए रिपोर्ट जिसे महावीर कोलवाशरी की ओर से पर्यावरणीय जन सुनवाई के लिए बनवाया गया है,वह फ़र्ज़ी है। कम्पनी ने इसे कॉपी पेस्ट किया है। जबकि वहां की वास्तविक परिस्थितियां बिलकुल अलग हैं। ईआईए रिपोर्ट में हाथी कारीडोर का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है । जबकि उद्योग स्थापना का प्रस्तावित स्थल जगंली हाथियों सहित भालू,हिरन,सियार सहित अन्य संरक्षित वन्यजीवों का स्वतंत्र विचरण क्षेत्र रहा है। आज भी यहां कई प्रकार के जंगली
जानवर मौजूद हैं।

           

कोलवाशरी लगने से क्षेत्र का पर्यावरण और पारिस्थितिक तंत्र बुरी तरह से बिगड़ हो जाएगा।वहीं जंगली जानवरों का प्राकृतिक आवास पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। ग्रामीणों की आय का मुख्य स्रोत खेती किसानी भी प्रभावित होगी। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व से ही उनके क्षेत्र में टी आर एन उद्योग के संचालन से उनके क्षेत्र का पर्यावरण पहले से ही प्रदूषित हो चुका है। इधर महावीर कोलवाशरी के जनसुनवाई के बाद स्थिति कितनी भयावह हो जाएगी,इसकी आप कल्पना भी नही कर सकते है। हाल ही में इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर इतना बिगड़ चुका है कि ग्रामीणों की खेती-बाड़ी के सांथ सामान्य जीवन शैली दुष्प्रभावित हो गई है। ऐसे में नियम विरुद्ध ढंग से स्थापित उद्योग की वजह से बचे-खुचे प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी भी उपयोग करने लायक नही रहेगा। इस पर अगर महावीर की कोल वाशरी की यहां स्थापना होती है तो निश्चित तौर पर भूगर्भ जल स्तर भी प्रभावित होगा।

कम्पनी भूगर्भ जल का दोहन बड़े पैमाने पर कोयला धोने के लिए करेगी। इसके अलावा कोयले को धोने के बाद दूषित पानी को किसानों के खेतों के अलावा नदी-नालों में छोड़ा जाएगा। जिससे वो भी दुषित होगा। अतः ग्रामीणों विरोध हर हिसाब से सही है और उनका कहना है कि उनका यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। वर्तमान में नियम विरुद्ध ढंग से हो रहे उद्योग स्थापना से प्रदूषण और हादसों की मार सबसे ज्यादा हम ग्रामीण ही झेल रहे हैं।।

फिर भी यहां स्थापित होने वाले उद्योगों के द्वारा क्षेत्र में विकास का जो फर्जी आंकड़ा प्रस्तुत किया जाता रहा है। वह भी हम ग्रामीणों के साथ किया जाने वाला खुला छल रहा है । जिसका हमारे द्वारा प्रत्येक स्तर पर विरोध किया गया है और आगे भी किया जाएगा। महावीर कोलवाशरी की प्रस्तावित जनसुनावाई को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय पर्यावरणअधिकारी से दो टूक शब्दों में कहा कि आप जनसुनवाई को निरस्त करें अन्यथा हमारे कड़े विरोध का सामना करें। दूसरी तरफ कम्पनी प्रबन्धन के द्वारा फ़र्ज़ी ग्राम सभा की अनुमति का दस्तावेज पेश करने के बाद से ग्रामीण भड़के हुए हैं,उन्होंने पुलिस प्रशासन से कम्पनी प्रबन्धन के विरुद्ध ठगी और कूटरचना की धाराओं में अपराध दर्ज करने की मांग की है।

महावीर कोलवाशरी की पिछले समय दो बार की जनसुनवाई रद्द की जा चुकी है। आपको जानकारी होना चाहिए कि यह पाँचवीं अनुसूची वाला प्रतिबन्धित क्षेत्र है।माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार यहां उद्योग स्थापना के पूर्व ग्राम सभा/पंचायत की अनुमति लिया जाना आवश्यक रहा है। परंतु प्रशासन और उद्योगों के द्वारा आज तक ग्राम पंचायत की अनुमति को तरजीह नही दिया गया है। ऊपर से इस क्षेत्र के वर्तमान हालात बिलकुल भी इजाजत नही देते है,कि वहां और किसी तरह के नए उद्योग या कोल वाशरी की स्थापना की जाए। पहले ही इस क्षेत्र में करीब 12 गावों के ग्रामीण भयंकर प्रदूषण और हादसों की मार से त्रस्त रहे है। ग्रामीण टी वी,कैंसर,फ़ेफ़डों में भयानक इंफेक्शन,स्किन कैंसर,शरीर मे गांठ,त्वचा में संक्रमण और न जाने कितनी प्रकार की घातक बीमारियों से जूझ रहे है। प्रदूषण का दुष्प्रभाव क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ने लगा है। क्षेत्र में भयंकर प्रदूषण का प्रभाव जंगली, पालतू जानवरों और मवेशियों पर भी पड़ने लगा है। खेती बाड़ी जैसी परम्परागत व्यवस्था भी खत्म होने की कगार में है और आप(प्रशासन) इन समश्याओं को नजरअंदाज कर नियम विरुद्ध ढंग से एक नए कोलवाशरी की स्थापना की इजाजत कैसे दे सकते है।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
No tags for this post.

By admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son