Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

पेंशनभोगियों ने अनोखा योग मुद्रा मार्च कर सौंपा पीएमओ को ज्ञापन..

By   /  December 6, 2019  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

कल 7 दिसंबर, शनिवार, को प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ़ एक मार्च करेंगे और रामलीला मैदान पर ‘रास्ता रोको अभियान’ का आयोजन करेंगे

‘कल तक नतीजा नहीं निकला तो कुछ कठोर कदम उठाने पे हम मजबूर हो जाएँगे’

दिल्ली: शुक्रवार को देश के लाखों वृद्ध पेंशनभोगियों ने दिल्ली के इंडिया गेट से पीएमओ तक मार्च किया। ईपीएफओ की मनमानी से पीड़ित लोगों ने ‘एक अनोखे तरीक़े से ‘योग मुद्रा’ में मार्च किया। पीएमओ पहुँचकर पेंशनधारियों ने भारत सरकार के राज्य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह अपना ज्ञापन सौंपा और माँगें रखी। लिहाज़ा, पीएमओ ने भी भी उन्हें आश्वासन दिया कि उचित क़दम उठाये जाएँगे।

पिछले दिनों ईपीएफओ ने अपनी याचिका में पेंशन संस्था के कर्मचारियों के सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि ईपीएफओ के कर्मचारियों के लिए ऐसे आंदोलन उनकी सुरक्षा में बाधा हैं, ऐसे आंदोलन से संस्था के कर्मचारियों को काम करने में कठिनाई का सामना करना करता पड़ता है।

राष्ट्रीय संयोजक ‘ईपीएस 95 नेशनल एक्शन कमेटी {एनएसी}’ के अध्यक्ष, कमांडर अशोक राउत (सेवानिवृत्त), ने कहा, ” आज हमने पीएमओ तक अपनी आवाज़ पहुंचाई। लेकिन अभी भी हमें कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। कोर्ट की नोटिस के बाद ये साफ हो गौए था कि ईपीएफओ हमें सामना करने से डरती है। हमारे आंदोलन पर पाबंदी ये दर्शाती है कि वो डर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्हें ईपीएफओ की कर्मचारियों की सुरक्षा का डर है। एक 65- 70 साल का बुज़ुर्ग आदमी उन्हें क्या नुक़सान पहुँचा सकता है? वो तो वैसे भी अपनी उम्र की ढलान पर हैं। यह निंदनीय है। ईपीएफओ एक धोखेबाज़ संगठन है, जो भारत सरकार के नीचे काम कर रही है और हमारी मेहनत की कमाई को लूटकर लाखों वृद्ध को मरने के लिए छोड़ दिया है। ये लाखों वृद्ध पेंशनरों को धोखा दे चुके हैं। हर साल 75,000 से अधिक पेंशनर्स अपनी पेंशन का इंतजार करते हुए मर जाते हैं। ईपीएफओ के पास हर साल एक लाख करोड़ रुपये जमा होते हैं। इनके खाते में कुल पेंशन लगभग चार लाख बारह हजार करोड़ रुपये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात साल पहले न्यूनतम पेंशन के रूप में एक हजार रुपये देने का वादा किया था। 28 लाख से अधिक पेंशनरों को यह कभी नहीं मिला। हमें न्याय की आस है। हमारा हक़ हम लेकर रहेंगे। ये हमारे बुनियादी अधिकारों का हनन है। संविधान के अनुच्छेद 19 (ii) ने हमें शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने का हक़ दिया है। ”

EPS95 (NAC) देश भर में विभिन्न स्थानों पर अपनी मांगों और अधिकारों के साथ बहुत लंबे समय से विरोध कर रही है। इनकी चार मुख्य मांगें हैं; महंगाई भत्ते के साथ रुपये 7500 मूल पेंशन; ईपीएफओ द्वारा मई 2017 के अंतरिम पत्र को रद्द करने और उच्च पेंशन का भुगतान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करना; पेंशनभोगियों के पति या पत्नी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं; पेंशनभोगियों को ईपीएस 95 योजना के तहत रखा जाएगा और पेंशन के रूप में प्रति माह 5000 रुपये दिए जाएंगे।

पेंशनभोगियों को उस वक़्त एक झटका लगा था जब दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने ईपीएस95 नेशनल एक्शन कमेटी द्वारा एक आंदोलन पर रोक लगा दी थी। देश के लाखों वृद्ध पेंशनभोगि कल 7 दिसंबर, शनिवार, को एक बार फिर प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ़ एक मार्च करेंगे और रामलीला मैदान पर ‘रास्ता रोको अभियान’ का आयोजन करेंगे । वृद्ध पेंशनभोगियों का कहना है की यदि उनकी मांगे कल तक नहीं मानी गयीं तो कुछ कठोर कदम उठाने पे वो मजबूर होंगे।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 7 months ago on December 6, 2019
  • By:
  • Last Modified: December 6, 2019 @ 6:13 pm
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

22 − 13 =

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Manisa escort Tekirdağ escort Isparta escort Afyon escort Çanakkale escort Trabzon escort Van escort Yalova escort Kastamonu escort Kırklareli escort Burdur escort Aksaray escort Kars escort Manavgat escort Adıyaman escort Şanlıurfa escort Adana escort Adapazarı escort Afşin escort Adana mutlu son

You might also like...

पुलिस पर फिर लगे बर्बरता के आरोप..

Read More →
Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat