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टीवी एंकर को शो में शादी से पहले सेक्स की चर्चा महँगी पड़ी..

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टीवी पर चर्चा करना एक एंकर को बहुत महंगा पड़ गया है। कोर्ट ने उसे तीन साल जेल की सुनाई गई। दरअसल कोर्ट ने यह सजा इसलिए दी क्योंकि एंकर ने ऑनएयर विवाह से पहले मां बनने को लेकर चर्चा की थी। एंकर को सार्वजनिक शालीनता तोड़ने और महिलाओं को उकसाने का दोषी माना गया।

कोर्ट ने उन्हें यह आदेश भी दिया कि यदि वे अगली अपील के लिए आजाद रहना चाहती हैं, तो जमानत याचिका के तौर पर उन्हें 10,000 मिस्र के पाउंड का भुगतान करना होगा।

उल्लेखनीय है कि मिस्र के अल-नहर टीवी चैनल की एंकर दोआ सालेह ने डोडी शो की ओपनिंग के दौरान खुद को गर्भावस्था में दिखाते हुए कहा था कि अगर वे अपने पति से तलाक लेती हैं तो अपने बच्चे की वह इकलौती गार्जियन होंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान न करे, यदि वह विधवा हो जाती हैं तो वह अपने बच्चे की अकेली मां होंगी। फिर शादी से पहले अकेली मां बनने में क्या हर्ज है?

लाइव शो के दौरान उन्होंने अपने दर्शकों से भी पूछा था कि विवाह से पहले सेक्स करने और मां बनने के बारे में उनकी क्या राय है? इतना ही नहीं एंकर ने यह भी सुझाव दिया था कि एक औरत अपने पति को तलाक देने से पहले बच्चों के लिए किसी अन्य व्यक्ति के साथ शादी कर सकती है। उन्होंने महिलाओं को इसके बारे में सोचने की सलाह भी दी थी।

एंकर ने मिस्र की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यहां कृत्रिम गर्भाधान पर पाबंदी है, जबकि दुनियाभर में महिलाएं कृत्रिम गर्भाधान से मां बन रहीं हैं। इसलिए अपने देश में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि महिलाएं कृत्रिम गर्भाधान करा कर मां बन सकें।

इस कार्यक्रम के प्रसारण के तुरंत बाद सालेह को तीन महीने के लिए नौकरी से निलंबित कर दिया गया। प्रसारित कार्यक्रम के बाद वकील अशरफ नाजी ने एंकर के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया, जिस पर कोर्ट ने उन्हें यह सजा सुनाई है।

गौरतलब है कि मिस्र में शादी पहले बच्चा पैदा करना गैरकानूनी है। अकेली मां होने के बाद यहां बच्चे को नाजायज माना जाता है। सरकार का कहना है कि नाजायज बच्चों को पंजीकृत करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि यहां बच्चे को अपने पिता की पहचान बतानी होगी जो अकेली मां के गार्जियनशिप में संभव नहीं है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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