श्याम रंगीला की मिमिक्री का एक और पहलू..

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-संजय कुमार सिंह||

नरेन्द्र मोदी की मिमिक्री करने वाले श्याम रंगीला के वीडियो क्लिप से संबंधित एक और विवाद इस समय गर्म है और मामला चूंकि टेलीविजन कार्यक्रम और फिल्मी व टीवी कलाकारों से जुड़ा हुआ है इसलिए लोग पर्याप्त दिलचस्पी ले रहे हैं। दसअसल ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ में पीएम मोदी की नकल करने वाले प्रतियोगी के प्रदर्शन से अक्षय कुमार और बाकी जज भी काफी खुश हुए। शो के नियमों के मुताबिक इस प्रतियोगी की बे‍हतरीन परफॉर्मेंस के लिए जैसे ही मल्ल‍िका दुआ गोल्डन बेल बजाने लगी, तभी अक्षय बोले, ‘मल्लिका जी आप बेल बजाइए, मैं आपको बजाता हूं।’
मैंने भी वीडियो देखा तो यह सुनना खटका था पर चूंकि कार्यक्रम का प्रसारण ही नहीं हुआ तो क्या विवाद होता। पर अब समझ में आ रहा है कि मल्ल‍िका ने अक्षय के बयान वाला वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पूछा था कि क्या किसी को ये एंटरटेनिंग (मनोरंजक) लगा?

बात इतनी ही नहीं है, लोग अक्षय कुमार के इस बयान पर उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना की प्रतिक्रिया जानना चाह रहे हैं। हालांकि, वे अपने पति का बचाव कर चुकी हैं और कहा है कि कॉमेडी के कार्यक्रम को शब्दों के गूढ़ अर्थ पर नहीं जाना चाहिए और उन्होंने यह दलील भी दी है कि रेड एफएम (रेडियो) की तो टैग लाइन ही है, बजाते रहो। इसके साथ ही ट्विंकल ने इस विवाद में खुद को टैग किए जाने से भी मना किया है। पर सोशल मीडिया में एक बार बात शुरू हो जाए तो मना करने से कौन मानता है। पूरे मामले की गंभीरता आपको तब समझ में आएगी जब आप जानेंगे कि कॉमेडियन मल्लिका हैं कौन। जो नहीं जानते हैं उन्हें बता हूं कि मल्लिका यानी मल्लिका दुआ मशहूर पत्रकार विनोद दुआ की बेटी हैं। और विनोद दुआ भी इस विवाद से जुड़ गए हैं।

इस संबंध में ट्‍व‍िंकल ने लिखा है, ‘मिस दुआ के पिता विनोद दुआ ने एक पोस्ट लिखी (इसे अब हटा लिया गया है), ‘मैं इस बेवकूफ अक्षय कुमार को सबक सीखाऊंगा.’ (अंग्रेजी में उनके शब्द हैं – “I am going to screw this cretin Akshay Kumar”)। इस पर ट्विंकल का सवाल है तो क्या उनके (श्री दुआ के) इस बयान के शब्द के भी असली मायने को लिया जाए या संदर्भ में देखा जाए? (अंग्रेजी में स्क्रू का मतलब हिन्दी में बजाने जैसा ही है।) लिहाजा, ट्विंकल ने लिखा है, शब्द, खास कर मजाक को मजाक के अंदाज में ही लेना चाहि‍ए। मैं कॉमेडी में आजादी के पक्ष में हूं। हालांकि मामला फिल्मी नहीं होता तो अक्षय कुमार यह कह सकते थे कि उन्हें खेद है कि उन्होंने ऐसी बात कह दी जिसका दूसरा मतलब भी निकलता है। मेरा इरादा ऐसा नहीं था।

पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है और ट्वीटर की दुनिया जैसी है। इसमें एक और पक्ष है। अक्षय कुमार इन दिनों रजनी कांत के साथ अपनी आने वाली फिल्म को लेकर पिछले कई दिनों से सुर्खि‍यों में बने हुए हैं। और उधर अक्षय की पांच साल की बेटी नितारा को लेकर भी बयानबाजी की गई है। ट्विंकल का कहना है, यह एक डायलॉग को मजाकिया अंदाज में कहने का तरीका था जिसे कि एक आदमी और औरत दोनों ही उपयोग करते हैं। उदाहरण के रूप में, ‘मैं तुम्हारी बजा दूंगा या मेरी बज गई। ऐसे वाक्य लगातार इस्तेमाल होते हैं। रेड एफएम की टैगलाइन ‘बजाते रहो’ है। और ये सब सेक्सिस्ट मायने के बिना है.’

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admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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