“लर्न इंग्लिश क्विकली” मोबाइल एप्प का लॉन्च..

admin
0 0
Read Time:4 Minute, 0 Second

“ऑल्टर ज्ञान”, जो मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए भाषा सीखने के लिए एक प्लेटफॉर्म है, ने हाल ही में “लर्न इंग्लिश क्विकली” के नाम से एक एप्लीकेशन लॉन्च किया है, जिससे हिन्दी,भोजपुरी, उर्दू, बांग्ला, पंजाबी, मलयालम सहित कई भारतीय भाषाओं के माध्यम से शीघ्र अंग्रेजी बोलना सीखा जा सकता है.

इस निःशुल्क एप्लीकेशन को विकसित करने वाली, प्रिया यरूणकर, का जन्म और उनकी शुरूआती शिक्षा पटना में हुई है. वे माउंट कार्मेल, पटना, पटना कॉलेज और पटना वीमेन्स कॉलेज की छात्रा रहीं हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से गोल्ड मैडल सहित बी. सी. ए. की डिग्री प्राप्त की. इसके अलावा, उन्होंने पुणे में भारतीय विद्यापीठ से गोल्ड मैडल के साथ एम. सी. ए. की डिग्री भी प्राप्त की है.

हैदराबाद में उन्होंने, 2014 में अपने बच्चे के जन्म के बाद, माँ के रूप में घर पर रहते हुए मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने की अपनी धुन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. यह एप्लीकेशन सामान्य जनों को बोलचाल की अंग्रेजी सिखाने के लिए है. यह इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम करता है.

इस एप्लीकेशन की मुख्य विशेषता है कि इसके माध्यम से अंग्रेजी (रोमन) लिपि जाने बिना भी व्यक्ति अपनी भाषा की लिपि के माध्यम से अंग्रेजी बोलना सीख सकता है.

“हमने यह पाया कि बहुत सारे लोग अंग्रेजी भाषा पढ़ना जाने बिना भी शीघ्र अंग्रेजी बोलना चाहते हैं. हमारा एप्लीकेशन उन्हें ऐसा करने में मदद करता है. इसका इस्तेमाल कर के कोई समर्पित सीखने वाला व्यक्ति कुछ घंटों के अंदर ही अंग्रेजी बोलना शुरू कर सकता है”, प्रिया ने कहा.

इस एप्लिकेशन में क्विज, फ़्लैश कार्ड, नए मुहावरें रिकॉर्ड करने का विकल्प जैसी मजेदार विशेषताएँ भी हैं. पहले से अलग-अलग श्रेणियों के 1600+ वाक्यों को व्यक्ति आसानी से खोज सकता है, और अंग्रेजी के विशेषज्ञ को उसे बोलता हुआ सुन सकता है.

शुरूआत में “ऑल्टर ज्ञान” ने भारतीय बाजार पर अपना ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है. इस एप्लीकेशन को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति 11 भारतीय भाषाओं – हिन्दी, भोजपुरी, उर्दू, बांग्ला, पंजाबी, मलयालम, गुजराती, मराठी तमिल, तेलगु और कन्नड़ – के माध्यम से अंग्रेजी बोलना सीख सकता है. इसके अलावा, इसके माध्यम से फ्रेंच, जर्मन, पुर्तगाली, स्पेनिश, चीनी और मलय भाषा के माध्यम से भी अंग्रेजी बोलना सीखा जा सकता है. कुछ ही महीनों में यह सुविधा उड़िया, मगही और मैथिली जैसी अन्य भारतीय भाषाओं के माध्यम से भी प्रदान की जाएगी.

वेबसाइट http://www.altergyan.com/learn-english-quickly/ पर आपको एंड्राइड और आई. ओ. एस. स्टोर के लिंक प्राप्त हो जाएंगे, जहाँ से आप इस एप्लीकेशन को निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं.

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका..

हिन्दू कालेज में ‘जनता पागल हो गई है’ तथा ‘खोल दो’ का मंचन.. -चंचल सचान॥ दिल्ली। हिन्दू कालेज की हिन्दी नाट्य संस्था ‘अभिरंग’ द्वारा कालेज पार्लियामेंट के वार्षिक समारोह ‘मुशायरा’ के अन्तर्गत दो नाटकों का मंचन किया गया। भारत विभाजन के प्रसंग में सआदत हसन मंटो की प्रसिद्ध कहानी ‘खोल […]
Facebook
%d bloggers like this: