भ्रष्टाचार जिन पर सुब्रमण्यम स्वामी रहस्यमयी चुप्पी साध लेते हैं..

admin 1

-अभिषेक पराशर॥

अक्सर सुर्खियों में रहने वाले सुब्रमण्यम स्वामी की पहचान ‘बड़े भ्रष्टाचारियों’ को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले नायक की रही है. स्वामी बड़े विकेट गिराने के लिए जाने जाते हैं. लोग उन्हें ‘सुब्रमण्यम सुनामी’ के नाम से भी बुलाते हैं.images (1)

आपातकाल के दौरान स्वामी पर बनी कुछ कहानियां लोग चटखारे ले कर सुनते-सुनाते हैं. आज स्वामी जिस भाजपा में हैं अतीत में उसकी सरकार (अटल बिहारी वाजपेयी-1999) को एक वोट से गिराने का श्रेय भी उनके नाम है. उस वक्त स्वामी भाजपा की सरकार गिराकर कांग्रेस की मदद से एक वैकल्पिक सरकार बनाना चाहते थे पर सफल नहीं हुए. सोनिया गांधी ने उनकी यह मंशा पूरी नहीं होने दी.कहते हैं तब से स्वामी सोनिया के भी विरोधी बन गए. स्वामी से जुड़ी यह सभी बातें हमें एक ऐसे व्यक्तित्व की झलक देती हैं जो बेहद समझदार, चतुर और बदले की भावना से काम करता है.

स्वामी की याचिका पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पटियाला हाउस कोर्ट ने तलब किया है.

दिल्ली में तेजी से बदलते घटनाक्रम में सोनिया और राहुल गांधी ने अदालती कार्रवाई का सामना करने का फैसला किया है. स्वामी ने 2012 में इस मामले की शिकायत की थी. स्वामी का आरोप है कि कांग्रेस के नेताओं ने धोखाधड़ी और गलत तरीके से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाकर एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड की लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पर ‘कब्जा’ कर लिया.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल भी स्वामी की याचिका पर ही हुई थी. सुप्रीम कोर्ट फिलहाल जयललिता को बरी कर चुका है. स्वामी इस मामले में एक बार फिर उनकी सजा पर लगी रोक को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड में सोनिया और राहुल गांधी की 76 फीसदी हिस्सेदारी है. कोर्ट ने इस मामले में सोनिया-राहुल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. स्वामी की इस याचिका ने दिसंबर महीने में दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा दिया है.

स्वामी भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करते तो दिखते हैं लेकिन अक्सर उनके निशाने पर बेहद चुने हुए लोग और चुनिंदा भ्रष्टाचार के मामले ही होते हैं.

नवंबर 2008 में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में बरती गई अनियमितता के बारे में लिखा. उन्हें सिंह की तरफ से आश्वासन तो मिला लेकिन कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद स्वामी दिसंबर 2010 में सुप्रीम कोर्ट चले गए. आखिरकार यूपीए सरकार में संचार मंत्री रहे ए राजा की इस मामले में गिरफ्तारी हुई.

स्वामी ने इस मामले में पी चिदंबरम की भूमिका को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए. फिलहाल 2जी मामले में सुनवाई चल रही है. विवादित बयानों से इतर स्वामी ने अपनी छवि उस नायक की तरह गढ़ने की कोशिश की है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह से असहिष्णु है. पर इसी दौरान बड़े भ्रष्टाचार के कई ऐसे मामले सामने आए जिसने देश के मानस को झकझोर कर रख दिया लेकिन स्वामी इससे पूरी तरह बेअसर दिखे. बल्कि कई बार तो वे इनका बचाव करते भी दिखे.

ऐसे कुछ मामले जिन पर भ्रष्टाचार विरोधी यह क्रुसेडर रहस्यमय चुप्पी साधे रहता है:
डीडीसीए घोटाला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दफ्तर पर सीबीआई के छापे के बाद राजधानी की सियासत पूरी तरह से बदल गई. छापे के कुछ ही घंटों बाद केजरीवाल ने यह कर सनसनी फैला दी कि सीबीआई ने केंद्र सरकार के इशारे पर छापा मारा है.
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि छापे का मकसद उनके ऑफिस से उन फाइलों को निकालना था जिसमें डीडीसीए घोटाले में वित्त मंत्री अरुण जेटली की संलिप्तता के सबूत हैं.

डीडीसीए में हुए घोटाले को हवा देने का काम बीजेपी के ही सांसद कीर्ति आजाद ने भी किया. उन्होंने अरुण जेटली को पत्र लिखकर उनके कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था. एसएफआईओ की रिपोर्ट भी अरुण जेटली के कार्यकाल के दौरान डीडीसीए में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि करता है.

जब यह विवाद अपने चरम पर है तब स्वामी ने इस मामले में यह कह कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि क्रिकेट अरुण जेटली का निजी मामला है न कि सार्वजनिक हितों से जुड़ा मामला. स्वामी की निजी और सार्वजनिक की परिभाषा बहुत पेचीदा है.
व्यापम घोटाला
मध्य प्रदेश में हुए इस बड़े घोटाले में एक के बाद एक पचास से भी ज्यादा हत्याएं हुई. पूरे देश में इसको लेकर एक तूफान खड़ा हो गया. लेकिन स्वामी ने इइस मुद्दे पर हमेशा चुप्पी साधे रखी.

व्यापम मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके तार मध्य प्रदेश के राजभवन से जुड़े हुए थे. राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे की भी संदिग्ध हालत में मौत हो गई जो इस घोटाले के आरोपियों में से एक थे.

व्यापम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया है.

मोदी गेट पार्ट 1
ब्रिटीश मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वहां के सांसद कीथ वाज से आईपीएल के पूर्व गवर्नर ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज दिलाने में मदद करने के लिए कहा था. स्वराज के कहे जाने के 24 घंटों के भीतर ही ललित मोदी को यात्रा के दस्तावेज मुहैया करा दिया गया.

इसके बाद एक और मामला सामने आया जिसमें सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज का भी नाम सामने आया. अगस्त 2007 में ललित मोदी ने एक ट्वीट कर अपनी लीगल टीम का आभार जताया था. इस लीगल टीम में अन्य वकीलों के अलावा सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज भी शामिल थीं. ललित मोदी पर धन गबन के आरोप हैं और भारत सरकार उन्हें लंदन से भारत लाकर उनके खिलाफ धन गबन के आरोपों की जांच कराना चाहती है.

मोदी गेट पार्ट 2
ललित मोदी को विदेश यात्रा दस्तावेज दिलाने में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का भी नाम सामने आया. वसुंधरा ने ललित मोदी को ब्रिटेन में यात्रा दस्तावेज दिलाने वाले उनके आवेदन पर हस्ताक्षर किया था. इतना ही नहीं वसुंधरा राजे सिंधिया के बेटे दुष्यंत सिंह की कंपनी आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने 11.63 करोड़ रुपये का निवेश किया था.

विपक्षी दलों का कहना है कि सुषमा स्वराज और वसंधुरा राजे सिंधिया ने जिस तरह से ललित मोदी की मदद की वह सीधे तौर पर हितों के टकराव का मामला था.

आईपीएल की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 2005 -2010 के बीच बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट रहे और 2008-2010 के बच आईपीएल के चेयरमैन और कमिश्नर रहे. 2010 में ललित मोदी पर आईपीएल में पैसों की गड़बड़ी का आरोप लगा. उन पर आईपीएल की दो नई टीमों कोच्चि और पुणे की नीलामी में गलत तरीकों का इस्तेमाल किया. इसके बाद से ललित मोदी लंदन में ही रह रहे हैं और ईडी ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है.

Facebook Comments

One thought on “भ्रष्टाचार जिन पर सुब्रमण्यम स्वामी रहस्यमयी चुप्पी साध लेते हैं..

  1. हद मूर्खता है यार……एक अकेला बंदा सब कुछ करे आप ये उम्मीद पाले हैं।।।।
    व्यापमं मामले में सीबीआई अपना काम निष्पक्ष तरीके से कर रही…..व्हिसिल ब्लोअर हैं उस मुद्दे पर।।
    मोदी पार्ट 1 पार्ट 2 जे उचित जवाब संसद में दिए जा चुके हैं
    Ddca में अरुण जेटली की संलिप्तता की कहानी आज 20/12/2015 शाम उजागर होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

उमराव सालोदिया का उमराव खान हो जाना..

-भंवर मेघवंशी॥ राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमराव सालोदिया ने मुख्य सचिव नहीं बनाये जाने से नाराज हो कर स्वेच्छिक सेवा निवृति लेने तथा हिन्दुधर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने की घोषणा कर सनसनी पैदा कर दी है । राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार से अब न उगलते बन रहा है और […]
Facebook
escort eskişehir - lidyabet - macbook servis - kabak koyu
%d bloggers like this: