Loading...
You are here:  Home  >  शिक्षा  >  Current Article

सिंघानिया विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन सीज..

By   /  August 25, 2015  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-रमेश सर्राफ धमोरा॥
झुंझुनू, राजस्थान हाइकोर्ट के आदेश की पालना में पुलिस एवं प्रशासन ने मंगलवार को जिले के पचेरीकलां गांव स्थित सिंघानिया विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन को सीज कर दिया है। पुलिस व प्रशासन की संयुक्त रूप से हुई कार्रवाई के दौरान विवि परिसर में भारी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासनिक भवन सीज होने से विवि में अध्ययनरत करीब छह हजार विद्यार्थी प्रभावित होंगे।Singhania
उपखण्ड अधिकारी सोहनराम चौधरी के नेतृत्व में दोपहर एक बजे तहसीलदार बृजेश कुमार, पुलिस उपाधीक्षक सुरेश कुमार सांवरिया मय जाब्ते के विश्वविद्यालय में पहुंचे पुलिस प्रशासन ने प्रशासनिक भवन में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को बाहर निकाल कर तीन तरफ से गेट को सीज कर दिया। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उनका प्रशासनिक भवन हरियाणा के नारनौल से संचालित किया जाता है। ऑनलाइन पूरा कार्य नारनौल से किया जाता है। जिस भवन को सीज किया गया है, वहां नियमित विद्यार्थी अध्ययन करते है।
हाइकोर्ट ने सिंघानिया विश्वविधालय को आवंटित जोहड़ की भूमि को चार साल पूर्व निरस्त कर दिया था। आंवटित भूमि पर कोई भी निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया गया था। उपखण्ड अधिकारी सोहनराम चौधरी ने बताया कि हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी विश्वविद्यालय ने निर्माण कार्य जारी रखते हुए नए भवन का निर्माण कर लिया। प्रशासन ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश करके निर्माण कराने की जानकारी दी। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद 12 अगस्त को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन को सीज करने के आदेश दिए थे।
विश्वविद्यालय को आंवटित भूमि निरस्त करने के बाद प्रशासन ने सात सितम्बर 2012 को भी ताला लगा दिया था। विश्वविद्यालय मामले को कोर्ट में लेकर गया। तब ताला खोलने के अलावा अन्य किसी कार्य में बाधा नहीं पहुंचाने के आदेश दिए। उसके बाद प्रशासन ने ताला खोला था। बुहाना के उपखण्ड अधिकारी सोहनराम चौधरीने बताया कि हाइकोर्ट के आदेश की पालना में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन को सीज किया गया है। विश्वविद्यालय को आंवटित भूमि 2008 में निरस्त हो चुकी है।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 5 years ago on August 25, 2015
  • By:
  • Last Modified: August 25, 2015 @ 8:40 pm
  • Filed Under: शिक्षा

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

− 1 = 6

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Manisa escort Tekirdağ escort Isparta escort Afyon escort Çanakkale escort Trabzon escort Van escort Yalova escort Kastamonu escort Kırklareli escort Burdur escort Aksaray escort Kars escort Manavgat escort Adıyaman escort Şanlıurfa escort Adana escort Adapazarı escort Afşin escort Adana mutlu son

You might also like...

क्या यही शिक्षा दी जाएगी आपके बच्चों को.?

Read More →
Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat