Home देश कश्मीर में बन्द के दौरान पुलिस की गोली से युवक की मौत..

कश्मीर में बन्द के दौरान पुलिस की गोली से युवक की मौत..

श्रीनगर। हुर्रियत कांफ्रेंस के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने आज कश्मीर बंद का आह्वान किया। गिलानी ने यह बंद मसर्रत आलम की गिरफ्तारी के विरोध में बुलाया। बंद के दौरान अराजक तत्वों ने नरबल क्षेत्र में पत्थरबाजी की जिस पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। इस दौरान एक युवक की मौत की सूचना है। मृतक की पहचान सुहैल के रूप में की गई है।11173413_1068304166528012_9221370880068837605_n

युवक की मौत के बाद पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए खेद है और शोकसंतप्त परिवार के प्रति पूरी सहानुभूति है। शुरुआती जांच के बाद ऐसे संकेत मिले हैं कि मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने कार्रवाई के मानकों का उल्लंघन किया है।’ इससे पहले, मामले पर संज्ञान लेते हुए बडगाम के डेप्यूटी कमिश्नर ने इसकी न्यायिक जांच के आदेश दे दिए है। जांच समिति की अध्यक्षता बडगााम के एडिश्नल डेप्यूटी कमिश्नर करेंगे।
उधर, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि यहां हिंसा और विद्रोह के लिए कोई स्थान नहीं है। इनमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग है जो स्थिति को 2008 की तरह बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम एेसा होने नहीं देंगे।
इस मामले ने पुलिस ने बताया कि हमें आज सुबह सूचना मिली कि मगम इलाके में कुछ प्रदर्शनकारी पत्थरबाजी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस की टीम पैरा मिलिट्री जवानों के साथ मिलकर मौके पर पहुंची।प्रदर्शनकारियों ने तैनात बलों के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी इसके बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए जवानों ने हवाई फायरिंग की, जिसमें सुहैल अहमद और अब्दुल अहमद नाम के दो युवक घायल हो गए।
इससे पहले दक्षिण कश्मीर में आलम को पाकिस्तान का झंडा फहराने के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यही नहीं गिरफ्तारी के बाद कश्मीर में पुलिस और अलगाववादियों के बीच हिंसा हुई थी।
इस दौरान सुरक्षा बलों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पत्थरबाजी की थी। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज को जलाया था। हालांकि सुरक्षा बलों ने इस भीड़ को नियंत्रित कर इलाके में चौकसी बढ़ा दी है।
पाकिस्तानी झंडा फहराने के चौतरफा विरोध के बाद पुलिस को मसर्रत के खिलाफ धारा 121-ए के तहत राष्ट्रद्रोह और धारा 124 के तहत देश के खिलाफ जंग छेडऩे जैसे मामले दर्ज करने पड़े। इसके बाद उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

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