भगत सिंह के भतीजे ने किया दावा, भगत सिंह की भी हुई थी जासूसी..

Desk
0 0
Read Time:2 Minute, 52 Second

चंडीगढ़, खुफिया ब्यूरो (आइबी) की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रिश्तेदारों की जासूसी के मुद्दे पर विवाद के बीच भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधु ने दावा किया है कि भगत सिंह के परिवार की भी कई सालों तक ‘निगरानी’ की गई.bhagat-singh

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार भगत सिंह से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक करे. 57 साल के संधु ने मोहाली में संवाददाताओं को बताया, हमारे परिवार पर कई सालों तक नजर रखी गई. फोन पर होने वाली हमारी बातचीत भी सालों तक निगरानी के दायरे में रही. ब्रिटिश शासन के समय से ही उनके परिवार पर पैनी नजर रखी गई.

उन्होंने दावा किया कि देश की आजादी के बाद भी हम खुफिया एजेंसियों की नजर में थे. संधु ने सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि भगत सिंह के चाचा और स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजित सिंह से जुडी फाइलें भी सार्वजनिक की जाए. उन्होंने कहा कि हम वह सारी चीज जानना चाहते हैं जो ब्रिटिश सरकार ने सरदार अजित सिंह और शहीद भगत सिंह के बारे में लिखी थी. सारे रिकॉर्ड्स को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. सरकार क्यों छुपा रही है?हमें उम्मीद है कि मौजूदा केंद्र सरकार जल्द ही इस बाबत कदम उठाएगी.

संधु भगत सिंह के छोटे भाई सरदार कुलबीर सिंह के बेटे हैं जिनका जन्म 1914 में हुआ था और वह फिरोजपुर से जनसंघ के विधायक थे. संधु ने कहा कि मेरे पिता दिवंगत सरदार कुलबीर सिंह ने दोनों से जुडी वे फाइलें और रिकॉर्ड प्राप्त करने की कोशिश की थी जिन्हें दिल्ली के राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखा गया है.

बकौल संधु उन्हें बताया गया कि फाइलें ‘गुप्त’ हैं और 20-30 सालों तक के लिये अहस्तांतरीणय हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता का निधन 1983 में हुआ था, लेकिन उसके बाद भी जब हमने मांग की तो हमें वही जवाब मिला. संधु ने कहा कि कुलबीर सिंह की मौत के बाद भी उनके परिवार ने दस्तावेज हासिल करने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

 

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

वर्ष 2014 का बिहारी पुुरस्‍कार श्री ओम थानवी को..

प्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार श्री ओम थानवी की पुस्तक ’मुअनजोदड़ो’ को वर्ष 2014 के बिहारी पुरस्कार के लिए चुना गया है। के.के. बिरला फाउंडेशन के कार्यकलापों के अन्तर्गत डॉ. कृष्‍ण कुमार बिरला ने 1991 में बिहारी पुरस्कार की शुरूआत की। पुरस्कृत कृति ’मुअनजोदड़ो’ एक ऐसा यात्रा-वृ्त्तांत है जो सामान्य यात्रा-वृत्तांतों […]
Facebook
%d bloggers like this: