ढह रहे हैं सुब्रतो राय के किले, सहारा कर्मचारी कर रहे हैं आत्महत्या..

Desk
0 0
Read Time:3 Minute, 26 Second

-कुमार सौवीर।।

सुब्रत राय की सुनहरी ऐयाशियों की अट्टालिका जब ढहने लगी तो अब शुरू हो गया है।
सहारा इंडिया में आत्‍महत्‍याओं का भयावह दौर। सूत्र बताते हैं कि शुरूआत में यह दौर कर्मचारियों की आत्‍महत्‍याओं का है, इसके बाद तो सामान्‍य निवेशकों का दौर शुरू होगा जिन्‍होंने अपनी जीवन की सारी जमा-पूंजी सुब्रत राय के दिखाये सुनहले सपनों पर न्‍योछावर कर दिया है।288510-subrata-roy

खबर है कि अकेले लखनऊ में सहारा के कम से कम तीन कर्मचारियों ने आत्‍महत्‍या कर ली। सबसे दर्दनाक मौत तो हुई प्रदीप मण्‍डल की, जिसने सहारा इंडिया के सहारा टॉवर की नौवीं मंजिल से कूद कर अपनी मौत के चीथड़े बिखेर दिये। पिछले 6 महीनों से वह बिना वेतन के न जाने कैसे जी रहा था। भूखे बच्‍चे और असहाय बीवी की पीड़ा जब सहन नहीं कर पाया 47 बरस का प्रदीप मण्‍डल, तो उसने इहलीला खत्‍म कर दी। समय सहारा के कर्मचारी लक्ष्‍मीनारायण तिवारी गोरखपुर के रहने वाले थे, लेकिन उनकी तैनाती लखनऊ में थी। वेतन मिलना बंद हो गया तो परिवार में तबाही के लक्षण दिखने लगे। बताते हैं कि उसने कई बार अपने मित्रों से कहा था कि हालत न ठीक हुए तो वह आत्‍महत्‍या कर लेगा। और आखिरकार पिछले दिनों तिवारी ने खुद को खत्‍म ही कर दिया।हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यह हार्ट अटैक का मामला था। लेकिन अगर ऐसा ही था, तो भी बेचारा दिल आखिरकार कितनी दिन बर्दाश्‍त कर पाता। बताते हैं कि सहारा स्‍टेट में उसके घर के बाहर सहारा वालों ने अपने गार्ड तैनात कर दिये हैं, ताकि कोई खबर न लीक हो जाए।

उधर दिल्‍ली में तैनात और गोरखपुर का रहने वाला अमित पाण्‍डेय सहारा समय में सब एडीटर के पद पर तैनात था। छह महीनों तक जब वेतन नहीं मिला तो वह अपने घर लौटने के लिए लखनऊ होते गोरखपुर की ओर बढ़ा। सूत्र बताते हैं कि अचानक उसकी तबियत खराब हुई। शायद उसने कुछ जहरीली सामग्री खा ली थी। वह सहारा अस्‍पताल की ओर भागा, लेकिन पैसा न होने के चलते उसको एडमिट नहीं किया गया। आखिरकार उसके कुछ मित्र उसे लेकर जनता अस्‍पताल ले गये, लेकिन रास्‍ते में ही उसकी मौत हो गयी।
यह खबर मिलते ही आनन-फानन सहारा के आला अफसरों ने उसकी लाश गोरखपुर की ओर रवाना की और उसका सारा बकाया पैसा फौरन अदा कर दिया। बीती दोपहर उसका ब्रह्मभोज सम्‍पन्‍न हो गया है।
हे ईश्‍वर। इस बेशर्म सुब्रत राय के सहारा इंडिया में आत्‍महत्‍याओं का दौर आखिर यह कब तक चलेगा ?

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

1995 से लेकर अब तक 2 लाख 70 हज़ार 940 किसानों ने आत्महत्या की..

-कृष्णकांत।। हाल के बारिश और तूफान से फसलें तबाह होने के बाद उत्तर प्रदेश में 30 से 35 किसानों ने आत्महत्या कर ली. सरकार कहती है कि आत्महत्या से कोई नहीं मरा. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पिछले तीन महीने में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में 226 किसानों ने आत्महत्या […]
Facebook
%d bloggers like this: