Home गौरतलब फर्जी आईडी पर ट्रेनिंग लेने वाली IAS रूबी खुदकुशी की धमकी के बाद गिरफ्तार..

फर्जी आईडी पर ट्रेनिंग लेने वाली IAS रूबी खुदकुशी की धमकी के बाद गिरफ्तार..

देहरादून. आईएस अफसरों को ट्रेनिंग देने वाले संस्थान लालबहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (एलबीएसएए) में फर्जी दस्तावेज के आधार पर करीब छह महीने ट्रेनिंग लेने वाली रूबी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस रूबी को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है. गिरफ्तार होने से पहले रूबी चौधरी ने धमकी दी थी कि अगर इस मामले में उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगी.

रूबी की गिरफ्तारी एसपी (सीआईडी) शाहजहां अंसारी की अगुवाई वाली एसआईटी ने की. इससे पहले एसआईटी रूबी चौधरी को लेकर एलबीएसएए पहुंची और संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन से पूछताछ की. इस दौरान रूबी से संबंधित तस्वीरें, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए गए. सौरभ जैन ने लिखित बयान जारी कर रूबी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. बयान में उन्होंने कहा कि वह रूबी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे.

ruby2_icard

सात घंटे तक छानबीन करती रही पुलिस
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एसआईटी रूबी को लेकर एलबीएसएए, मसूरी पहुंची. सूत्रों के अनुसार टीम ने अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन के साथ ही सुरक्षा कर्मियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की. टीम करीब सात घंटे तक छानबीन करती रही. जांच टीम की इंचार्ज शाहजहां अंसारी ने जांच के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि पूरी रिपोर्ट सीनियर अफसरों को भेजी जाएगी.
होटल में ठहराया
गुरुवार देर रात पुलिस ने रूबी से पांच घंटे पूछताछ करने के बाद उसे होटल में ठहराया था. हालांकि, एक पुलिस टीम उस पर निगरानी रखे हुए थी. देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.

ruby

डिप्टी डायरेक्टर के पक्ष में उतरा एलबीएसए
एलबीएसएए प्रशासन डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन के पक्ष में खड़ा है. एलबीएसएए के ज्वॉइंट डायरेक्टर नरेला ने प्रेस को जारी बयान में रूबी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मचारी को आवंटित मकान में रूबी अवैध रूप से रह रही थीं. नरेला के मुताबिक जैसे ही रूबी के अवैध रूप से अकादमी में रहने का पता चला अकादमी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए और पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई.

पुलिस पर लगाए आरोप
मसूरी जाने से पहले एक बार फिर रूबी मीडिया से मुखातिब हुई और पुलिस पर आरोप लगाए. उसका कहना है कि पुलिस अकादमी के दबाव में काम कर रही है. रूबी का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. उसने अपनी जान पर खतरा भी बताते हुए कहा कि ‘मैं मानसिक तनाव में हूं और पुलिस मेरी मदद नहीं कर रही.’ गौरतलब है कि छह माह तक अकादमी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रहने वाली रूबी ने गुरुवार को मीडिया के सामने डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन पर नौकरी के लिए बीस लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए थे.

इंसाफ नहीं मिला तो कर लूंगी खुदकुशी: रूबी
आईएस अफसरों को ट्रेनिंग देने वाले मसूरी स्थित संगठन लालबहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में फर्जी दस्तावेज के आधार पर रहने वाली रूबी चौधरी ने गिरफ्तार होने से पहले कहा था कि अगर इस मामले में उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगी. रूबी के मुताबिक, इस मामले में उसे दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन से भी पूछताछ होनी चाहिए. रूबी ने कहा, ‘इस मामले में मेरी कोई गलती नहीं है. मुझे फरार बताए जाने और मेरे खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मैं खुद सामने आई हूं. पूरी अकादमी इस मामले में दोषी अधिकारी को बचाने में जुटी हुई है. जो भी कुछ हुआ, उसमें अकादमी के अधिकारियों की मिली-भगत है.’ रूबी चौधरी ने आरोप लगाया था कि अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन को बचाने की कोशिश की जा रही है. रूबी ने कहा था कि अगर जैन दोषी नहीं हैं तो वे सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?

डिप्टी डायरेक्टर पर लगाए थे गंभीर आरोप
रूबी ने बताया था कि वह लाइब्रेरियन की नौकरी के लिए मसूरी आई थी. अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन ने 20 लाख रुपए लेकर उन्हें नौकरी देने की बात कही थी. रूबी का कहना है कि वह सौरभ जैन को 5 लाख रुपए एडवांस दे चुकी हैं. रूबी ने कहा कि सौरभ जैन ने उसका अकादमी का फर्जी आईकार्ड और गेट पास बनवाया था. उसने कहा था कि अकादमी को सब कुछ पता था. यह गेट पास सौरभ जैन ने ही बनवाया था. रूबी यह आरोप लगा चुकी है कि सौरभ जैन ने उसे मामला रफा-दफा करने के लिए पांच करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी.

Facebook Comments
(Visited 6 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.