चीन ने उतारे भारतीय बाजार में प्लास्टिक के चावल..

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नई दिल्‍ली। चीनी सामान के लिए भारत एक बड़ा बाजार है। इस बात का फायदा उठाते हुए चीन हमारे देश में अब प्‍लास्‍टि‍क की अन्‍य चीजों के साथ ही चावल भी भेज रहा है।plastic-rice

एक अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के अनुसार, कुछ निर्माता आलू, शकरकंद और चीनी पॉलीमर मिलाकर प्‍लास्‍टि‍क के चावल बना रहे हैं और इसे भारत भेज रहे हैं। इन्‍हें देखकर असली चावल से अलग करना मुश्किल है।

हालांकि, पकाते वक्‍त यह चावल कड़क ही रहते हैं लेकिन इनमें से निकलने वाले द्रव की वजह से प्‍लास्टिक की एक खोल बन जाती है। इस चावल को खाने की वजह से गंभीर गेस्‍ट्राइटिस और पेट की अन्‍य बीमारियां हो सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह चावल अभी दक्षिण भारत के कई शहरों में दुकानों पर देखे गए हैं। ग्राहकों ने भी बताया कि प्‍लास्टिक के चावलों के पैकेट्स को असली चावल के साथ इस तरह रखा जाता है कि उनकी पहचान नहीं हो पाती। ऐसा माना जा रहा है कि यह चावल चीन या सिंगापुर के बाजारों से यहां आयात किए गए हैं।

कैसे बनता है यह चावल

इसे बनाने के लिए पहले आलू को चावल के आकार में ढाल लिया जाता है। इसके बाद इसमें इंडस्ट्रियल सिंथेटिक रेजिन मिलाकर अंत में इन्‍हें तब तक अच्‍छी तरह मिलाया जाता है जब तक ये पूरी तरह चावल की तरह नजर नहीं आने लगते।

 

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