तुलसी के प्रयोग से करे स्वाइन फ्लू का बचाव..

Desk

आमतौर पर ये देखने में आता है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण बहुत ही साधारण बीमारी जैसे ही होते हैं सर्दी ,

खांसी और बुखार , परन्तु ये लक्षण कभी- कभार जानलेवा भी हो सकते है। स्वाइन फ्लू (एच1 एन 1 फ्लू

वायरस) अधिकांश पशुओ जैसे सुअरों में पाया जाता है, इन पशुओ का सेवन करने पर या इन में पाये जाने

वाले स्वाइन फ्लू के वायरस के द्वारा वातावरण के दूषित होने पर जब पक्षी और मनुष्य इस वायरस के

संपर्क में आते हैं तो ये इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं जो कि जानलेवा हो सकता है।Tulasi

आयुर्वेदिक डॉ. प्रताप चौहान बताते है कि स्वाइन फ्लू से निजात पाने के लिए तुलसी की पत्तियों का सेवन

बहुत लाभकारी हो सकता हैं।

तुलसी में प्रतिजीवाणु (ऐन्टीबैक्टिरीअल) गुण होते है जो शरीर सहित समग्र रक्षा तंत्र को बेहतर बनाने में

मदद करता है और शरीर में वायरल रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है ।

तुलसी का औषधि-प्रयोगः

आयुर्वेदाचार्य डॉ.प्रताप का कहना है कि तुलसी के साथ गिलोई और हल्दी का सेवन करने से, शरीर में

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और “स्वाइन फ्लू” से बचाव करने की संभावना भी बढ़ जाती है। आइये

जानते है तुलसी के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में –

 स्वाइन फ्लू से बचने के लिए ठंडी चीज़ें जिनसे से कफ़ होने की संभावना हो उन से परहेज़

करना और पालक ,लहसुन और मूली का सेवन करना चाहिए।

 यदि फेफड़ों में कफ़ जमा हो जाये तो सरसों के तेल से शरीर की मालिश करना उपयोगी

होता

 तुलसी लंबे समय से कई औषधीय गुणों के लिए बेशकीमती एवं आश्चर्यजनक जड़ी बूटी

मानी जाती रही है। आयुर्वेदिक डॉक्टर अब स्वाइन फ्लू से बचाव व रोकथाम के लिए

प्रतिदिन तुलसी के प्रयोग को बहुत उपयोगी और लाभकारी बता रहे हैं।

 परंपरागत चिकित्सा इस घातक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विफल रही है। तुलसी

का प्रयोग वैकल्पिक चिकित्सा को बदलने का सही समय भी हो सकता है। तुलसी शरीर

सहित समग्र रक्षा तंत्र को बेहतर बनाती है और शरीर में वायरल से होने वाले रोगों से लड़ने

की क्षमता को भी बढ़ाती है ।

 तुलसी ना सिर्फ स्वाइन फ्लू में एक निवारक दवा के रूप में कार्य करती है अपितु तेज़ी से

उभर रही बीमारी को कम करने का कार्य भी करती हैं ! डॉक्टरो का मानना है कि तुलसी का

सेवन करने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और”स्वाइन फ्लू” से संक्रमित होने

की संभावना कम हो जाती है।

 तुलसी श्रद्धेय और अपनी चमत्कारिक औषधीय गुणों के लिए भारत भर में पूजी जाती है।

नियमित रूप से तुलसी का सेवन करने से :-

 तनाव से छुटकारा,प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती,सहनशक्ति को बढ़ाने की शक्ति, सर्दी से

राहत,स्वस्थ चयापचय को बढ़ावा,सूजन को दूर करना , कोलेस्ट्रॉल को कम करना, शरीर

में एंटीऑक्सीडेंट की आपूर्ति को पूरा करना जैसी चीज़े होतीं हैं

 तुलसी रोगनाशक औषधि है ,शरीर को रोगों से दूर रखने कि शक्ति, आम सर्दी और फ्लू के

लिए विशेष रूप से लाभदायक और बीमारियाँ को जल्दी समाप्त करना सेहत सुधारने की

प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकती हैं ।

 अदरक , गुड़ अथवा गिलोई के साथ तुलसी के मिश्रण का प्रयोग शारारिक सुरक्षा प्रणालियों

को बढ़ता है। स्वाइन फ्लू नियंत्रित करने के लिए ताज़ा तुलसी का रस या कम से कम 20-

25 मध्यम आकार के तुलसी के पत्ते अथवा पत्तों का पेस्ट का खाली पेट नियमित रूप से

दिन में दो बार सेवन किया जाना चाहिए।

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

हरीश रावत जी, शराब से आगे भी मुद्दे हैं..

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से नई आबकारी नीति को लेकर जनता के सुझावों का खुला आमंत्रण दिया है । इस बारे में सरकार ने अखबारों में बाकायदा इश्तहार जारी किये हैं । ये पहला ऐसा मौका है जब सूबे के मुखिया को किसी मुद्दे पर जनता से […]
Facebook
%d bloggers like this: