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अब दिल्ली में हो सकते हैं चुनाव..

-वीरेंद्र वर्मा||
हरियाणा में बहुमत मिलने के बाद अब बीजेपी दिल्ली में भी चुनाव कराएगी. बीजेपी के उच्च सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी में चुनाव कराने की तैयारी कर ली गई है. तीन दिन पहले दिल्ली बीजेपी के नेताओं की एक मीटिंग इस बारे में होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह के साथ हो चुकी है. सिर्फ हरियाणा के चुनाव नतीजों का इंतजार किया जा रहा था.old-secretariat

नतीजे पूरी तरह से बीजेपी के मन मुताबिक आए हैं. अब साफ हो गया है कि बीजेपी दिल्ली में जोड़ तोड़ कर सरकार बनाने की बजाय सीधे चुनाव कराएगी. प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी साफ कहा है कि वे चुनाव में जाने से नहीं डरते हैं और बीजेपी को दिल्ली में भी बहुमत मिलेगा. सूत्र बताते हैं कि अब बीजेपी दिल्ली विधानसभा को भंग करने में ज्यादा टाइम नहीं लगाएगी. हरियाणा के नतीजों से बीजेपी के हौंसले बुलंद हैं. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पहले से ही चुनाव कराने की बात कर रहे हैं.

जनवरी में ही क्यों चुनाव
अगर अभी दिल्ली विधानसभा को भंग कर दिया जाता है तो चुनाव कराने के लिए 6 महीने मिलेंगे. यानी 6 महीने में चुनाव कराए जा सकते हैं. बीजेपी के लिए बेस्ट ऑप्शन जनवरी है. जनवरी में बिजली पानी की स्थिति बेहतर होती है. गर्मियों में बिजली पानी सबसे बड़ा मुद्दा रहता है. दिल्ली में 15 फरवरी तक राष्ट्रपति शासन है. ऐसे में अगर जनवरी या 15 फरवरी से पहले सरकार बनती है तो राष्ट्रपति शासन को आगे नहीं बढ़ाना पड़ेगा. फरवरी या मार्च में स्कूल बोर्ड के एग्जाम होते हैं. ऐसे में चुनाव कराना संभव नहीं है.
क्या कहता है कानून
दिल्ली विधानसभा के पूर्व सेक्रेटरी और संविधान के विशेषज्ञ एस के शर्मा के मुताबिक विधानसभा के चुनाव कराने के लिए 24 से 25 दिन का वक्त चाहिए. जनप्रतिनिधि कानून के सेक्शन 30 के मुताबिक चुनाव के लिए 24 दिन की जरूरत पड़ती है. इन 24 दिन में से 14 दिन उम्मीदवारों के प्रचार के लिए होते हैं. 7 दिन नॉमिनेशन प्रक्रिया के लिए चाहिए होते हैं, 2 दिन नाम वापस लेने के लिए व 1 दिन नॉमिनेशंस की जांच के लिए होता है.
एलजी अब क्या करेंगे
दिल्ली के एलजी ने राष्ट्रपति को बीजेपी को सरकार बनाने का न्यौता देने के लिए पत्र लिखा था. चूंकि दिल्ली में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. हालांकि इस तरह की खबरें थीं कि राष्ट्रपति की ओर से इस बारे में कोई जवाब नहीं आया. अब हरियाणा में बीजेपी को बहुमत मिल गया है. अगर एलजी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए मौका भी देते हैं तो बीजेपी साफ कह सकती है कि उनके पास बहुमत नहीं है.
मोदी लहर में लगेंगे पारदिल्ली में चुनाव जीतने के लिए बीजेपी फिर से दिल्ली में पीएम मोदी का मैजिक कार्ड खेलेगी. जिस तरह से हरियाणा में मोदी ने काफी संख्या में रैलियां की हैं, उसी तरह से दिल्ली में मोदी की रैलियां कराई जाएंगी. बीजेपी के नेता मानते हैँ कि अगर दिल्ली में मोदी की 4 या 5 रैलियां करा दी गईं तो रिजल्ट पूरी तरह से बीजेपी के फेवर में आ जाएगा. अगर दिल्ली में मोदी की रैली होती हैं तो उसकी आलोचना कांग्रेस भी नहीं कर सकती, क्योंकि 70 के दशक में जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तो उन्होंने मेट्रोपॉलिटन काउंसिल के चुनाव में पटेल नगर की गली गली में जाकर प्रचार किया था. अब तो फिर भी विधानसभा के चुनाव होंगे.

नभाटा

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