हुड्डा के साढ़े नौ वर्ष के शासन की देन भ्रष्टाचार, जातिवाद, क्षेत्रवाद तथा कालोनाइजरों के ठाठ..

Desk
0 0
Read Time:5 Minute, 23 Second

-पवन कुमार बंसल||

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी सभाओं में बड़े गर्व से कहते हैं कि उनकी रगों में स्वतंत्रता सेनानी चौ रणबीर सिंह का खून है इसलिए वे ईमानदारी से अपनी सरकार चला रहे हैं । मुख्यमंत्री बनने से पहले एक बार हुड्डा हरिद्वार जाते हुए नदी में डूबते-डूबते बचे थे तब उनके समर्थकों ने उन्हें गंगापुत्र के नाम से नवाज़ा था । मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी सभाओं में भूपेंद्र हुड्डा कहते थे कि नदी में डूबने से बचा हूं और मैने मौत को करीब से देखा है , इंसान के साथ कुछ नहीं जाता, इसलिए मैने फैंसला लिया है कि मैं बिना किसी के दबाव के अपनी आत्मा की आवाज़ पर चलुंगा । लेकिन कथनी और करनी में दिन रात का फर्क वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए उनके सारे काम इसके उलट ही साबित हुए हैं ।bhupinder-singh-hooda

अपने को किसान का बेटा कहने वाले हुड्डा ने भूमि अधिग्रहण कानून का कालोनाइजरों को लाभ देने के लिए जमकर दुरूपयोग किया . उनकी सरकार ने किसानो की जमीन अधिग्रहण के लिए उन्हें कई तरह के सब्जबाग दिखाते हुए नोटिस जारी किए । जिससे किसानों ने औने-पौने दामों पर जमीने बिल्डरों को बेच दी । एक बार बिल्डरों द्वारा जमीन खरीदने पर वे नोटिस वापिस ले लिए गए । इस तरह बिल्डरों को अरबों रूपयों का लाभ हुआ । इसलिए पिछले वर्ष 15 सितंबर को हुड्डा के जन्मदिन पर गुड़गांव के बिल्डरों ने अंग्रेजी के अख़बारों में हुड्डा को जन्मदिन की बधाई देते हुए पूरे के पूरे पेज के विज्ञापन दिए थे ।

हुड्डा के राज में अफसरशाही ने खूब ऐश की । कहते हैं कि यदि जमीन पर स्वर्ग है तो वो कश्मीर है लेकिन अफसरों के लिए तो हरियाणा कश्मीर से भी बढ़कर है । रिटायर होते ही प्रशासनिक अधिकारियों को किसी पद पर लगा दिया । यही नहीं उन्होंने डबवाली में वर्षों पहले हुए अग्निकांड जिसमें चार सौ बच्चे जलकर मर गए थे के चर्चित आईएएस अफसर एम.पी.बिडलान जो उस समय वहां से भाग खड़े हुए थे को तरक्की देकर हरियाणा लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाया ।

हुड्डा ने ईमानदार अफसर अशोक खेमका तथा आईएफएस अफसर संजीव चतुर्वेदी को जमकर परेशान किया । उनके राज में उनके गृहनगर रोहतक में रोंगटे खड़े कर देने वाला अपना घर कांड हुआ जहां नाबालिग लडकियों से बलात्कार होता था तथा उनकी फिल्म बनाई जाती थी । कांग्रेस के विधायक भी वहां जाते थे ।

हुड्डा ने स्वतंत्रता सेनानियों में भी भेदभाव किया । पंडित श्रीराम शर्मा जिन्होंने 1922 में झज्जर अंग्रेजी हुकुमत का झंडा उतार कर तिरंगा फहरा दिया था की पुत्रवधु निर्मला के देहांत पर हुड्डा वहां शोक प्रकट करने की बजाय लाहली स्टेडियम में चल रहे क्रिकेट मैच देखते रहे ।

उन्होंने दलबदल करवा कर सरकार बनाई । हरियाणा में बंसीलाल ने मुख्यमंत्री रहते तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी को गुड़गांव में मारूती फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन दिलवाई थी । बंसीलाल कहते थे कि जब उन्होंने बछड़े (संजय) को काबू कर रखा था तो गाय (इंदिरा गांधी) कहां जाएगी । उसी नीति पर चलते हुए हुड्डा ने सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा को गुड़गांव में जमीनों के सौदे में मदद की । अब हुड्डा कहते है कि जब दामाद (राबर्ट वाड्रा ) हमारे काबू में है तो सास (सोनिया गांधी) कहां जाएगी । हुड्डा सोनिया गांधी को राबर्ट वाड्रा को मामला उछलवा कर अपना उल्लू साधते रहते हैं ।

मुख्यमंत्री बनने से पहले हुड्डा कहते थे कि मैं छत्तीस बिरादरी का नेता हूं लेकिन बाद में कहने लगे कि मैं जाट पहले हूं सीएम बाद में हूं । हुड्डा के अपने शहर रोहतक में भी किसानों की जमीन एक्वायर कर बिल्डरों को दे दी गई ।
( हाल में विमोचित पुस्तक गुस्ताखी माफ हरियाणा के लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार )

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

बाड़मेर स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़झाला, एक पद और दो तनख्वाह का खुला खेल..

-चंदनसिंह भाटी|| बाड़मेर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बाड़मेर में लम्बे समय से भ्रष्टाचार की जड़ें गहराती जा रही है. विभाग की हर शाखा में भ्रष्टाचार का बोलबाला है. एक सनसनीखेज मामला सामने आया कि विभाग के कुछ कार्मिक एक पद के विरुद्ध दो मानदेय का भुगतान उठा रहे हैं. […]
Facebook
%d bloggers like this: