Home मणिशंकर अय्यर उवाच: राजीव गाँधी की गैर जानकारी में युद्ध पर उतारू हो गए थे भारत पाक..

मणिशंकर अय्यर उवाच: राजीव गाँधी की गैर जानकारी में युद्ध पर उतारू हो गए थे भारत पाक..

नई दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उस ऑपरेशन ब्रासटैक्स के बारे में कोई जानकारी नहीं थी जिससे भारत-पाकिस्तान युद्ध के कगार पर आ गए थे। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह तत्कालीन रक्षा राज्यमंत्री अरूण सिंह और सेना प्रमुख जनरल कृष्णास्वामी सुंदरजी के इशारे पर हुआ था और राजीव को अंधेरे में रखा गया था।mani-shankar-aiyar_650_092813051051

पूर्व रक्षा मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब में दावा किया था कि राजीव गांधी को इस ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि अय्यर ने नटवर सिंह के दावे की कड़ी आलोजना की कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कैबिनेट सहयोगियों को विश्वास में लिए बगैर भारतीय शांति रक्षक बल (आईपीकेएफ) श्रीलंका भेजने का निर्णय लिया था।

नटवर सिंह ने कहा था कि राजीव गांधी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को विश्वास में लिए बगैर आईपीकेएफ को श्रीलंका भेजने का निर्णय किया था। अय्यर ने इसके लिए अंधे आदमी द्वारा हाथी को छूकर उसके बारे में बताने का उदाहरण देते हुए कहा, ‘नटवर के साथ भी ऐसा ही हुआ है।’

अय्यर ने कहा कि नटवर उस वक्त केवल राज्यमंत्री थे और कहा कि उस समय शीर्ष स्तर पर सरकार के कई निर्णयों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं रही होगी।

हालांकि, अय्यर नटवर की इस बात से सहमत थे कि भारतीय सेना ने 1986 और 1987 में पाकिस्तान की सीमा के नजदीक राजीव गांधी की जानकारी के बगैर सैन्य अभ्यास ऑपरेशन ब्रासटैक्स को अंजाम दिया था। वैसे अय्यर को इसमें राजीव गांधी की कोई गलती नजर नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री आंतरिक रक्षा तंत्र के तौर पर ऑपरेशन ब्रासटैक्स से अवगत थे, लेकिन विश्वासघात के शिकार हो गए। रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उस समय राजीव के पास ही थी।

अरूण सिंह और जनरल सुंदरजी को ‘गैरजिम्मेदार व्यक्ति’ बताते हुए अय्यर ने कहा कि यह उन्होंने ऐसे समय में अंजाम दिया जब राजीव कुछ समय गुजारने के लिए लक्षद्वीप गए हुए थे। अय्यर ने कहा कि उन्होंने राजीव को सलाह दी थी कि स्थिति संभालने के लिए वह जिया-उल-हक व पाकिस्तान के साथ काम करें। उनकी सलाह पर राजीव ने कुछ दिनों बाद जनरल जिया को दिल्ली बुलाया और इस तनाव को खत्म कर दिया गया।

Facebook Comments
(Visited 6 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.