आपकी जान ही नहीं धरती के लिए भी खतरा है कोक-पेप्सी..

Desk 2
0 0
Read Time:5 Minute, 55 Second

कल रात की बात है, मैं एक गली के दुकानदार से बात कर रहा था. तभी शीतल पेय की सप्लाई वाली गाडी आई और एक छोटी सी दुकान वाले ने साढ़े तीन सौ बोतलें ले लीं. मैंने पूछा, कितने दिन में निकल जाएँगी और मैंने सुना है छोटे दुकानदारों को बहुत कम मुनाफा होता है इसमें, फिर भी इतना स्टॉक? वो बेफिक्री के लहजे में बोला, “ क्या बात करते हो यार, कल तक सब ख़त्म हो जायेगा ..सबसे ज्यादा बिकने वाला माल होता है ये गर्मियों में. समोसे से लेकर चिप्स, वोडका से लेकर रम के साथ, बच्चों से लेकर बूढ़े, औरत मर्द ..सब पसंद करते हैं.. या कह लो ज़रूरत हो गया उनकी.” 10485242_524409404358045_1741065503356887815_n

ये सच है. तमाम चिकित्सकीय परामर्शों और अपीलों के बावजूद कोका कोला, पेप्सी जैसे उत्पादों का बाज़ार फैलता जा रहा है. कभी कोई इसे टॉयलेट क्लीनर करार देता है, कभी ज़हर. लेकिन इनकी बिक्री कम नहीं हो रही, बढती ही जा रही है. हाल के समय में चिकित्सकीय शोध पत्र और ख़बरों में लगातार कहा जा रहा है कि ये शीतल पेय मोटापे और मोटापे से जुडी अनेक बिमारियों को निमंत्रण देते हैं. अब तो हाल ही में कोका कोला ने खुद स्वीकार किया है कि कोका कोला के उत्पाद मोटापा बढ़ने में सहायता करते हैं और वज़न बढाते हैं. जंक फ़ूड और मोटापे से होने वाली बीमरियों का हाल सब जानते हैं. मधुमेह, रक्तचाप, डिप्रेशन, लीवर में दिक्कत आदि. कई बार तो मोटापा जानलेवा साबित होता है.

एक लम्बे समय से कोका कोला पर आरोप लगते रहे हैं कि उसके उत्पाद मोटापा बढ़ाने में सहायक होते हैं लेकिन कंपनी ने कभी इसे माना नहीं. सच कहें तो कंपनी ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया. लेकिन अब मंदी के बाद बिक्री में आई कमी के बाद कंपनी ने माना है कि उसके उत्पाद इस्तेमाल करने से वज़न और मोटापा बढ़ सकता है. शायद कंपनी इस तरह एक ईमानदार छवि बनाना चाहती है और बाज़ार में विपणन के नए तरीके के तौर पर इसे इस्तेमाल करना चाहती है.

भारत में कोल्ड ड्रिंक के  बाज़ार का बहुत बड़ा हिस्सा अपने कब्ज़े में रखने वाले कोका कोला पर यहाँ भी अलग अलग आरोप लगते रहे हैं. भारत जैसे कृषि प्रधान देश में जहां पानी की कमी से खेती सिर्फ मानसून पर निर्भर रहती है, वहां खेती के हिस्से का करोड़ों गैलन पानी रोज़ इन शीतल पेयों के लिए यूं ही बहा दिया जाता है. जयपुर में कालवाड़ स्थित एक कोक फैक्ट्री का वहां के निवासियों ने विरोध किया तो उस विरोध को सरकार की मदद से डंडे के जोर पर कुचल दिया गया..current_304x415

बहुत कम लोग ये जानते होंगे कि कोका कोला या पेप्सी ने भूमिगत जलस्तर को नीचे पहुँचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. ये अपने बोतल बंद सामग्री के लिए पानी निकालती तो हैं, लेकिन ज़मीन में वापस नहीं डालती. खेती के हिस्से का पानी ले कर ये खेती को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं, पर्यावरण का भी नुकसान कर रहे हैं. अफ़सोस इस बात का है कि इन सभी धनपशुओं को सरकारी समर्थन मिला हुआ है इसके लिए. उत्तराखंड के बोतल बंद पानी के प्लांट वहां के पहाड़ों की दुर्दशा खुद ही कहते हैं. भोपाल के पास की पार्वती नदी के पास बने पेप्‍सी के प्‍लांट से हर दि‍न हजारों टन कूड़ा नदी में डाला जाता है और नदी का साफ पानी मुनाफा बनाने के लि‍ए काम में आता है राजस्‍थान में कोक के प्‍लांट के कारण गांववासि‍यों के सामने रोजी का संकट आ खड़ा हुआ है क्‍योंकि‍ खेतों के लि‍ए जरूरी पानी कोक बनाने के काम आ रहा है. इसके लि‍ए जि‍तनी जि‍म्‍मेदार ये कंपनि‍यां हैं, उससे ज्‍यादा हमारे नेता जिम्मेदार हैं. मोटे कमीशन के लालच में आंख बंद करके इन कंपनि‍यों को परमि‍शन दी जा रही है और उसकी कीमत गांव के लोग चुका रहे हैं.

ये तो सिर्फ दो जगहों की बानगी भर है. उन दो जगहों की जहां पीने का पानी मुश्किल से मिलता है, लेकिन मिल तो जाता है किसी तरह. ऐसा ही गुजरात, झारखण्ड, उत्तराखंड, उत्तर पूर्व में असम , मणिपुर आदि में भी यही हाल हैं. इससे बदतर ही हैं, बेहतर नहीं. क्योंकि कुछ भी कहिये इन्हें, दुनिया की सबसे बड़ी पेय पदार्थ बनाए वाली कंपनी कह लीजिये, फलाना ढिमका ताज पहना दीजिये , लेकिन ये हैं तो धनपशु ही… और इन्हें ऐसा बनाने वाले हम खुद हैं.

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

2 thoughts on “आपकी जान ही नहीं धरती के लिए भी खतरा है कोक-पेप्सी..

  1. जब हम खुद मौत को आमंत्रण दे रहे हैं तो कंपनी का क्या दोष ?जानते सब हैं पर फिर भी इसका उपभोग करते हैं इस से बड़ी नादानी क्या होगी

  2. जब हम खुद मौत को आमंत्रण दे रहे हैं तो कंपनी का क्या दोष ?जानते सब हैं पर फिर भी इसका उपभोग करते हैं इस से बड़ी नादानी क्या होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

टेली गर्लफ्रेंड ने ठगा, युवक ने की आत्महत्या..

फोन पर इश्कमिजाजी भारी पड़ी. दिल्ली के युवक ने टेली कॉलर से फोन पर बात की, लड़की के झांसे में ऐसा फंसा कि अंततः आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया. घटना दिल्ली ओखला में काम करने वाले 23 वर्षीया कौशल कुमार की है. एक दिन काम के दौरान कौशल के […]
Facebook
%d bloggers like this: