अरविंद केजरीवाल के बयान पर बरसीं अरुणा रॉय, कहा, ”मैंने नहीं किया बातचीत से इंकार”

admin
Read Time:3 Minute, 51 Second

लोकपाल विधेयक को लेकर टीम अन्ना और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य अरुणा रॉय के बीच एक नया विवाद छिड़ गया है। अरुणा रॉय ने अन्ना के प्रमुख पैरोकार अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अरुणा की टीम बातचीत नहीं करना चाहती।

अरुणा रॉय ने रालेगण सिद्धी में केजरीवाल द्वारा दिये गये बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा, ”मैंने कभी यह आरोप नहीं लगाया कि टीम अन्ना ने इस मुद्दे पर हमारे (एनसीपीआरआई) के साथ कोई विचार-विमर्श नहीं किया। दरअसल एनसीपीआरआई ने बातचीत में शामिल होने से कभी इनकार नहीं किया। केजरीवाल ने खुद कहा है कि तीन दौर में बातचीत हुई है इसलिए यह आरोप गलत है कि हमने बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया था।”

अरुणा ने 11 सितंबर को अखबारों में आये इस बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई है, जिसमें केजरीवाल के हवाले से कहा गया है, ”जब हम अरुणा से मिलने वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर के घर गये तो उन्होंने हमें दरवाजे से यह कहकर लौटा दिया कि वह मुझसे बातचीत नहीं करना चाहतीं।” उन्होंने एनसीपीआरआई के अपने सहयोगी निखिल डे के साथ रविवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि नैय्यर ने उन्हें निजी मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था, जहां उन्होंने न्यायमूर्ति राजिंदर सच्चर, मेधा पाटकर और संभवत: प्रशांत भूषण को भी बुलाने की बात कही। जब हमें पता चला कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) से भी कुछ लोग आ रहे हैं तो हमने नैय्यर के सामने स्पष्ट कर दिया कि इस मुलाकात में लोकपाल पर चर्चा नहीं होगी क्योंकि यह मित्रवत बैठक है।

अरुणा ने यह भी कहा कि लोकपाल के मुद्दे पर आईएसी तथा एनसीपीआरआई के बीच बातचीत अलग से हुई और किसी भी समय उनके संगठन ने यह नहीं कहा कि वह केजरीवाल से मुलाकात नहीं करेगी। गौरतलब है कि अन्ना हजारे के गांव रालेगण सिद्धी में 10-11 सितंबर को अन्ना पक्ष की कोर समिति की बैठक के बाद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने अरुणा राय और उनकी टीम के साथ कई दौर की बातचीत की है। इससे पहले खबरों में अरुणा का यह बयान आया था कि टीम अन्ना उनके साथ चर्चा करने की इच्छुक नहीं है।

केजरीवाल ने दावा किया था कि अरुणा की टीम ने कानून का कोई मसौदा तैयार नहीं किया है बल्कि सिर्फ प्रस्ताव हैं।  उन्होंने कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हम अरुणा राय और उनकी टीम को सार्वजनिक चर्चा के लिए आमंत्रित करते हैं। इससे पहले देश में हजारे पक्ष के जन लोकपाल विधेयक पर शुरू हुई बहस के बीच अरुणा ने लोकपाल विधेयक का एक अलग मसौदा पेश किया था जिसे लेकर अन्ना पक्ष और उनके बीच मतभेद सामने आये थे।

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

कैश फॉर वोट: अमर सिंह के वकील राम जेठमलानी बोले, ''बीजेपी ने जुटाया था धन!''

नोट के बदले वोट मामले में न्यायिक हिरासत में मौजूद अमर सिंह के वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को अंतरिम जमानत याचिका पर बहस करते हुए कहा कि बीजेपी ने उन नोटों का इंतजाम किया था जो सांसद सदन के भीतर लेकर गए थे। जेठमलानी ने कोर्ट से यह भी […]
Facebook
%d bloggers like this: