पटना की सौम्या की रैगिंग के दौरान हॉस्टल की छत से गिर कर मौत.. परिजनों ने की जांच की मांग

admin 1
Read Time:3 Minute, 51 Second

 

अच्छी शिक्षा की तलाश में अपने घर से मीलों दूर जाकर पढ़ने की सजा मिली बिहार की एक छात्रा को। सजा भी ऐसी-वैसी नहीं- मौत की। उसके पिता ने जयपुर, राजस्थान के एक महंगे इंजीनियरिंग कॉलेज में उसका दाखिला करवाया, लेकिन वहां उसकी सीनियर छात्राओं ने रैगिंग के नाम पर उसकी जान ही ले ली।

बार-बार रैगिंग से परेशान होकर  इंजीनियरिंग छात्रा सौम्या मंगलवार को हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरी थी जिसकी गुरुवार शाम मौत हो गई। उसके पिता मिथिलेश सिंह ने शुक्रवार को बगरू थाने में दो सीनियर छात्राओं के खिलाफ रैगिंग लेने तथा कॉलेज प्रबंधन पर सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। सौम्या ने अजमेर रोड पर भांकरोटा स्थित राजस्थान इंजीनियरिंग कॉलेज फॉर वीमेन में इसी साल प्रवेश लिया था।

ओएनजीसी विशाखापट्टनम में कार्यरत मिथलेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि छत से गिरने के दो दिन पहले बेटी ने फोन पर रैगिंग से परेशान होने की बात कही थी। इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को तुरंत दे दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

प्रिंसिपल सीमा सिंह

उधर सीनियर छात्राओं ने सौम्या की यह कहकर फिर रैगिंग ली कि उसने परिजनों को शिकायत क्यों की। मंगलवार सुबह सौम्या बाल सुखाने हॉस्टल की चौथी मंजिल की छत पर गई थी। इसी दौरान कुछ छात्राएं छत पर आ गई और उसे जबरदस्ती छत की मुंडेर पर चलने को कहा।

मुंडेर पर चलते हुए वह डरकर नीचे गिर गई। पिता का आरोप है कि सौम्या को हाइट फोबिया (ऊंचाई से देखने पर डरना) था, फिर भी उससे बार-बार ऐसा करवाया गया। पटना निवासी सौम्या सिंह व उसकी बहन तूलिका ने 27 अगस्त को बी-टेक प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। दोनों हॉस्टल के एक ही कमरे में रहती थी। पुलिस ने शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

उधर मीडियादरबार ने प्रिंसिपल सीमा सिंह से बात की तो उन्होंने इस बात से इंकार किया कि कॉलेज में रैगिंग हुई है। उन्होंने यह तो जोर दे कर कहा कि सौम्या की रैगिंग नही हुई है, लेकिन यह नहीं बता सकीं कि आखिर क्या वजह थी, जिसके कारण सौम्या को छत की मुंडेर पर जाना पड़ा। उन्होंने कॉलेज की सीनीयर लड़कियों का भी बचाव किया और कहा कि उस वक्त सौम्या के साथ कोई भी मौजूद नहीं था।

पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन सौम्या के परिजनों का मानना है कि वह भी कॉलेज प्रशासन के दबाव में है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

One thought on “पटना की सौम्या की रैगिंग के दौरान हॉस्टल की छत से गिर कर मौत.. परिजनों ने की जांच की मांग

  1. माननीय सीमा सिंह जी कया ऐसा हुआ है ?
    अगर ऐसा हुआ है तो आप के कॉलेज को ऐसा नहीं करना चाहिए ??
    कोई भी छात्र….अच्छी शिक्षा की तलाश में अपने घर से मीलों दूर जाकर पढ़ने की कोशिश करता है वह पढलिख कर अपने परिवार का सहारा बनेगा लेकिन बार-बार रैगिंग से परेशान होकर मौत को गले लगा लेता है …..
    यह सरासर गलत है , .इस तरह के मामलो में शिक्षक और शिक्षन संसथान दोनों की बदनामी होती है !

    अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद् इसका जोरदार विरोध करती है … और प्रशाशन से अनुरोध करती है की मामले की जाँच करके उचित कार्यवाही कर हमें भी सूची करे ……
    धन्यवाद सहित

    नरेश कुमार शर्मा
    अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद्

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

सुलझी नहीं अग्निवेश के वीडियो की गुत्थी, किसने खींचा, किसने ठुकराया और किसने अपलोड किया?

यूट्यूब पर रिलीज हुए एक बहु चर्चित वीडियो ने अन्ना आंदोलन के दौरान ही स्वामी अग्निवेश की ‘असलियत’ खोल कर रख दी थी, लेकिन अभी तक यह सस्पेंस बरकरार है कि आखिर किस रिपोर्टर या कैमरामैन ने इतनी बड़ी खबर पर अपन नाम का बाई लाइन लेना तक ठीक नहीं […]
Facebook
%d bloggers like this: