Home देश जनसरोकारों से जुड़े वैकल्पिक मीडिया के लिए साझे प्रयासों की भूमिका बेहद अहम..

जनसरोकारों से जुड़े वैकल्पिक मीडिया के लिए साझे प्रयासों की भूमिका बेहद अहम..

रूद्रपुर, ”जन सरोकारों से जुड़े वैकल्पिक मीडिया के लिए आज साझे प्रयासों की भूमिका पहले से ज्यादा अहम हो गई है.“ उक्त बातें रविवार को कन्या जूनियर हाई स्कूल स्थित अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पुस्तकालय एवं गतिविधि केन्द्र में ‘उजास‘ एवं ‘पीपुल्स फ्रैंड‘ द्वारा आयोजित ‘मीडिया और हम‘ विषयक विचार-विमर्ष में निकल कर आई.Rudrapur Media Vimarsh

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दैनिक भास्कर एवं ‘जन ज्वार‘ दिल्ली से संबद्ध युवा पत्रकार अजय प्रकाश ने कहा कि वेब मीडिया द्वारा पहली बार बड़ी आबादी इलैक्ट्रॉनिक एंव प्रिंट मीडिया के बरअक्स खड़ी हुई है. वर्तमान में मीडिया का क्या बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है. यह मंथन का विशय है. पत्रकारिता में आज जड़वत रहने की जगह प्रस्तुति का ढंग बदलना होगा. साथ ही जनसरोकारों के लिए अत्याधुनिक सस्ते और सरल वेब मीडिया और अन्य विकल्पों का प्रयोग कर आम आदमी, गरीब, मजदूर किसान आदि की दिक्कतों और मुख्य धारा के मीडिया द्वारा दबाई जाने वाली सच्चाइयों को उजागर करने पर जोर देना होगा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर भूपेश कुमार सिंह ने कहा कि मीडिया दुनिया का दूसरे नम्बर का व्यापार है और आज इसने आम जन के ऊपर मानसिक वर्चस्व बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वरिष्ठ पत्रकार बी.सी. सिंघल ने कहा कि मीडिया तटस्थ नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया के विस्तृत फलक की चर्चा की. इन्क्लाबी मजदूर केन्द्र के कैलाश भट्ट ने जनसरोकारों की चर्चा करते हुए कहा कि सबके अपने वर्गीय हित हैं और कॉरपोरेट मीडिया अपने वर्ग का ही हित साधता है. प्रताप सिंह ने कहा कि मीडिया सभी कुछ मैनेज नहीं कर सकता, उन्होंने प्रिंट मीडिया की भूमिका को आज के दौर के लिए महत्वपूर्ण बताया. अश्विनी कुमार ने सवाल उठाया कि नकारात्मक खबरें ही ज्यादा क्यों आती हैं. मनोज गुप्ता ने फेसबुक के अपने खतरों की चर्चा की. एक्टू नेता के.के.बोरा ने कहा कि मीडिया राय निर्माण या विमर्श बनाने का काम करता है. जैसा कि वर्तमान आम चुनाव में हमने उसे एक लहर पैदा करते हुए देखा. वक्ताओं ने कहा कि केवल बातें करने से समाज और देश का भला नहीं हो सकता, सभी इन्साफ पसंद और संवेदनशील लोगों को ठोस समवेत प्रयास करने की जरूरत है.

विमर्श में रूपेश कुमार सिंह, खेमकरन सोमन, ललित जोशी, अयोध्या प्रसाद भारती, अविनाश गुप्ता, प्रभुनाथ वर्मा, मनिन्द्र मण्डल, गोपाल गौतम, कय्यूम अंसारी, अनिल कुमार, अंजार अहमद खान, नरेष कुमार, प्रवीण कुमार, गुरविन्दर गिल, नबी अहमद मंसूरी, राजीव कुमार, पूरन पाण्डे, सूरज सिंह आदि ने प्रतिभाग किया. कार्यक्रम का संचालन श्री मुकुल ने किया.

(आप भी अपनी खबरें [email protected] पर भेज सकते हैं)

Facebook Comments
(Visited 11 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.