नियमों को बदलते हुए नृपेन्द्र मिश्रा बने प्रधान सचिव..

admin
0 0
Read Time:1 Minute, 56 Second

नई दिल्ली, मोदी ने सरकार में आते ही एक मंझे हुए कप्तान की तरह कप्तानी शुरू कर दी है. शपथ लेने के बाद सबसे पहला अध्यादेश जो मोदी सरकार ले के आई है वो टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई / TRAI) में नियुक्तियों के नियमों में बदलाव के लिए होगा. सूत्रों के अनुसार ये अध्यादेश ट्राई के पूर्व चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के लिए लाया गया है. नियमों में फेर बदल करते हुए नृपेंद्र मिश्रा को प्रधानमंत्री का प्रधाव सचिव बना गया है.nripendra-misra

नृपेन्द्र मिश्र ट्राई के चेयरमैन पद से रिटायर हो चुके हैं और नियमों के अनुसार रिटायरमेंट के बाद दो साल तक कोई पद ग्रहण नहीं कर सकते हैं. ट्राई के नियम कहते हैं कि रिटायर होने के दो साल तक चेयरमैन रह चुका व्यक्ति कोई पदभार ग्रहण नहीं कर सकता. लेकिन मोदी सरकार ने अध्यादेश ला कर इस नियम को बदल लिया है और प्रधान सचिव के पद पर नृपेन्द्र मिश्र को नियुक्त कर लिया है.

फ़िलहाल, सरकार संसद के आगामी सत्र में इस पर कानून बनाने पर विचार कर रही है. सरकार ने कानून बदलने के लिए अध्यादेश लाकर राष्ट्रपति भवन भेज दिया है और राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने भी सहमति जताते हुए इस अध्यादेश को स्वीकार कर इस पर मुहर लगा दी है.

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

शिक्षामंत्री से नैतिकता की उम्मीद..

मैंने कल भी लिखा था कि औपचारिक शिक्षा का महत्त्व नहीं, अगर कोई गुणी हो। फिर भी लोग अब्राहम लिंकन से लेकर बिल गेट्स और रवींद्रनाथ ठाकुर से लेकर इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, राबड़ी देवी, धीरूबाई अंबानी आदि के उदाहरण दे रहे हैं। इस सूची को बहुत लंबा किया जा […]
Facebook
%d bloggers like this: