महाराष्ट्र के जालना में पत्रकार की निर्मम हत्या..

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महाराष्ट्र में इन दिनों पत्रकारों   पर हमले के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है. अब महाराष्ट्र के जालना के रहने वाले विट्ठल सिंह गुलाबसिंह राजपूत २२ मई रात के १० बजे जब अपने घर के बाहर बैठे थे उसी समय कुछ बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया.rajput

हमलावरों ने जब उन्हें लाठियों से पीटना शुरू किया तो उन्होंने मदद के लिये गुहार लगाई मगर कोई भी उनकी मदद के लिये आगे नहीं आया तो वह जान बचाकर भागने लगे मगर हमलावरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा.

इस मामले में जालना पुलिस ने तीन लड़कों को गिरफ्तार भी किया है. महाराष्ट्र पत्रकार हमला विरोधी एक्शन कमेटी के प्रमुख एस एम देशमुख ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है. यहीं नहीं महाराष्ट्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी की है .

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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