राजस्थान में मजिठिया वेतन आयोग लागू करवाने को लेकर आईएफडब्लूजे राज्य इकाई ने कमर कसी…

admin
Read Time:2 Minute, 54 Second

मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने की मांग को लेकर आइएफ़डब्यूजे की राजस्थान इकाई आन्दोलन चलाएगी. राज्य इकाई ने तय किया है कि न्यायालय के आदेशो की पालना करवाने का दबाव बनाया जाएगा. 18 मई 2014 को हुई प्रदेश पदाधिकारियो की बैठक में सर्व सम्मति से वेतन आयोग लागू किये जाने के सर्दभ में रणनीति बनाई गई. बैठक में अन्य पत्रकार संघटनो के साथ साथ बडे अखबार समूहों के साथ काम कर चुके पत्रकारो को भी शामिल किये जाने का प्रस्ताव पारित किया.20140518_175744 बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जगदीश नारायण जैमन ने कहा कि मजिठिया वेतन आयोग की याचिका पर सर्वोच्च न्यायलय द्दारा दिये गए निर्णय के साथ ही राज्य सरकार , श्रम विभाग, एवम राज्य के दायरे में आने वाले समाचार पत्रो को पत्र लिखकर अतिशीघ्र मजिठिया आयोग की शर्तो के अऩुसार कार्यरत पत्रकारो के वेतनमान लागू किये जाए अन्यथा विधि सम्मत फेडरेशन को न्यायालय के आदेश की अवमानना को मद्देजनर रखते हुए अगला कदम उठाने के लिए स्वतत्रं होगा . बैठक में इस कदम का सभी ने स्वागत किया और इस दिशा में अग्रीम कार्यवाही के लिए अध्यक्ष श्री जगदीश नारायण  जैमन एवम महासचिव शंकर नागर को अधिकृत किया गया  व बैठक में आईएफडबलूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्य अतिथि बतौर प्रदेश इकाई की ओर से लिए निर्णय को स्वागत योग्य पहल बताई. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पलना न करने पर राजस्थान पत्रिका और भास्कर समूह पर अवमानना का मुकद्दमा दर्ज़ करवाया जायेगा. बैठक में संगठन से जुडे अन्य कार्यो और उनके निष्पादन आदी विषयो पर भी चर्चा हुई. बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद अग्रवाल, उपेन्द्र सिंह राठौड, एस एन गौतम, योगेश शर्मा, सचिव देवेन्द्र सिंह, बाबूलाल भारती, संदीप गोदीका, कोषाध्यक्ष मनीष भारद्दाज समेत कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्यो ने हिस्सा लिया.

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

नेताओं की यह पीढ़ी ख़त्म हो, तभी ख़त्म होगा बिहार की बदकिस्मती का दौर..

-अभिरंजन कुमार।। लगता है, नीतीश जी जैसे राजनीतिज्ञों के लिए बिहार एक खिलौना है। फ़र्ज़ी नैतिकता का ऐसा पांसा उन्होंने फेंका है कि उनपर उंगली उठाने की अधिक गुंजाइश भी नहीं बनती, क्योकि जैसे ही उंगली उठाएंगे, नीतीश जी की महिमा से आप पर दलित विरोधी होने का आरोप चस्पा […]
Facebook
%d bloggers like this: