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सीएम चाचा प्लीज पास करवा दीजिए..

पास होने के लिए भगवान नहीं सीएम रमन सिंह को लिखा खत..

-प्रतीक चौहान||

परीक्षा में पास होने के लिए भगवान को अर्जी लगाने के किस्से तो बहुत सुने होंगे, हो सकता है कई बार खुद भी लगाई हो. लेकिन इस बार एक छात्रा ने मुख्यमंत्री रमन सिंह को चिट्ठी लिखकर परीक्षा पास करवाने की गुहार लगाई है. दसवीं कक्षा की एक छात्रा ने रमन सिंह को एक नहीं बल्कि दो बार पत्र लिखकर परीक्षा में पास करवाने का निवेदन कर रही है. उस पर तुक्का यह कि मोहतरमा एक बार दसवीं की परीक्षा में फेल हो चुकी हैं. इस अनाम पत्र को लिखने वाली छात्रा मुख्यमंत्री को लिखती हैं कि प्लीज अंकल एक बार पास करवा दो, क्योंकि मैं दसवीं की कक्षा में पहले भी फेल हो चुकी हूं. अगर इस बार पास नहीं हुई तो मेरी पढ़ाई रुक जाएगी. letter

दसवीं की परीक्षा में हर साल लाखों बच्चे बैठते हैं. इस सत्र में भी छह लाख 98 हजार बच्चों ने दसवीं की परीक्षा में भाग लिया है. दसवीं की परीक्षा संचालित करने के लिए शिक्षा विभाग ने साढ़े सात सौ परीक्षा केंद्र बनाए थे. चूंकि यही परीक्षा विद्यार्थियों के आने वाले भविष्य को तय करती है, लिहाजा इसे पास करने के लिए दिन रात मेहनत भी करते हैं. ये बात अलग है कि बेहतर रिजल्ट के लिए कोई हनुमान जी को मनाता है तो कोई मां दुर्गा को. लेकिन यहां तक तो ठीक था, लेकिन यदि हर विद्यार्थी पास होने के लिए सीएम से ही गुहार लगाने लगा तो शासन की मुसीबतें तो बढ़ेंगी हीं, साथ ही विद्यार्थियों का भविष्य भी खतरे में पढ़ जाएगा क्योंकि इतना तो तय है कि मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने से कोई फायदा नहीं मिलने वाला. लेकिन सीएम के भरोसे यदि छात्रों ने परीक्षा की तैयारी ही करना छोड़ दी तो खुद उनके और उनके अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब जरूर खड़ा हो जाएगा.

बहरहाल, छात्रा खत लिखने से पास हो न हो लेकिन वो यह भूल गई कि परीक्षा में पास होने के लिए पढ़ाई करने की जरूरत है ना कि मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने की. – पहला खत इस प्रकार है अंकल(सीएम) मैं भगवान की कृपा से कुशलपूर्वक हूं. तथा आपके कुशलता के लिए भगवान से कामना करती हूं. अंकल प्लीज मुझे दसवीं पास करवा दीजिए फेल हो गई तो मैं आगे नहीं पढ़ पाउंगी. अंकल मैं आपकी जीवन भर आभारी रहूंगी.

– दूसरा खत इस प्रकार है अंकल( सीएम) मैं आपको दो बार पत्र लिख चुकी हूं. पता नहीं आपको पत्र प्राप्त हुआ या नहीं. मैं आपको फिर पत्र लिख रही हूं. अंकल मेरा दसवीं का पेपर बिगड़ गया है. पहले भी मैं एक साल फेल हो चुकी हूं. इस साल मेरे को पास करवा दो. अंकल( सीएम) मेरा भविष्य सुधार दो मैं खूब रोती हूं पर आपको पत्र लिखने से मेरी उम्मीद बढ़ गई है. प्लीज अंकल पास करवा दो. प्लीज अंकल प्लीज… आखरी में युवती ने लिखा है कि गलती पर माफ कर देना क्षमा चाहती हूं. इसके बाद युवती ने अपना अनुक्रमांक लिखा है. उप सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल आरती वासनिक का कहना है कि “एक युवती ने मुख्यमंत्री निवास में पास होने की गुहार को लेकर पत्र लिखा था. लेकिन ऐसे पास करना संभव नहीं है. अत: इस संबंध में हमने पत्र लिखकर इसका जवाब सीएम निवास भेज दिया है.”

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