शेखावाटी में तिकोने संघर्ष के आसार…

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-रमेश सर्राफ धमोरा||

झुंझुनू, आगामी लोकसभा चुनाव में राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनू, सीकर व चूरू लोक सभा सीटो पर मुकाबला त्रिकोणात्मक होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं. झुंझुनू सीट पर गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर नवलगढ़ से निर्दलिय विधायक बने पूर्व मंत्री डा. राजकुमार शर्मा के लोकसभा चुनाव में निर्दलिय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे से सीट पर मुकाबला कांग्रेस की डा. राजबाला ओला,भाजपा की संतोष अहलावत व डा. राजकुमार शर्मा के बीच होने की संभावना हो गयी है. सीकर सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया अपना टिकट कटने से नाराज होकर निर्दलिय मैदान में कूद कर मुकाबले को चतुर्कोणीय बना दिया है. यहां पर कांग्रेस के प्रताप सिंह चौधरी भाजपा के स्वामी सुमेधानन्द सरस्वती,माकपा के अमराराम व निर्दलिय सुभाष महरिया के मध्य होना तय है.CHURU MAHARASHI ABHINESH (1)

चुरू सीट पर सभी उम्मीदवार पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहें हैं. कांग्रेस के प्रताप पूनिया भाजपा के अमित कस्वां व बसपा के अभिनेष महर्षि के बीच तिकोना संघर्ष है. बसपा उम्मीदवार अभिनेष महर्षि 2008 में कांग्रेस टिकट पर रतनगढ़ से विधानसभा चुनाव लडक़र हार चुके थे. गत विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया गया जिससे वे पार्टी से नाराज चल रहे थे. लोकसभा चुनाव में भी वो कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे मगर टिकट नहीं मिलने से उन्होने कांग्रेस से बगावत कर बसपा का हाथ थाम लिया. चुरू सीट पर राजस्थान सरकार में मंत्री राजेन्द्र राठौड़ व मौजूदा सांसद रामसिंह कस्वां के मध्य खींचतान के कारण मुख्यमंत्री राजे ने समझौते के तहत रामसिंह कस्वां के स्थान पर उनके पुत्र अमित कस्वां को टिकट देकर मैदान में उतारा गया है. कांग्रेस नेता भंवरलाल शर्मा के पार्टी की खुलकर आलोचना करने से कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप पूनियां की स्थिति पहले दिन से ही कमजोर मानी जाने लगी है.

2009 के लोकसभा चुनाव में शेखावाटी की तीन से दो सीटो सीकर,झुंझुनू पर कांग्रेस व चुरू पर भाजपा काबिज थी. गत चुनाव में जीते तीनो ही सांसद इस बार चुनाव मैदान में नहीं हैं. झुंझुनू के सांसद शीशराम ओला की मृत्यु हो चुकी हैं वहीं सीकर के कांग्रेसी सांसद महादेव सिंह खण्डेला व चुरू से भाजपा सांसद रामसिंह कस्वां का टिकट कट गया हैं. तीनो सीटो पर ही 2009 के चुनाव में आमने सामने रहे सभी प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवार इस बार बदल गये हैं.

भाजपा के लिये शेखावाटी की झुंझुनू सीट को जीतना अब तक एक सपना ही रहा है. अधिकांशत: कांग्रेस के पक्ष में रही झुंझुनू सीट को जीतना भाजपा के प्रमुख ऐजेण्डे में शामिल हैं. जाट मतदाताओं की बहुलता वाली झुंझुनू सीट पर भाजपा ने हाल ही में सूरजगढ़ सीट से पचास हजार से अधिक मतो से जीत दर्ज कराने वाली संतोष अहलावत को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने यहां से लगातार पांच बार सांसद व केन्द्र में मंत्री रहे स्व. शीशराम ओला की पुत्रवधू व पूर्व जिला प्रमुख राजबाला ओला को टिकट दी है. आप पार्टी से सेवानिवृत जनरल राज कादियान चुनाव लड़ रहें हैं. झुंझुनू से बसपा प्रत्याशी रहीसा बानो को बनाया गया है जो वर्तमान में नवलगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष है. रहीसा बानो मुस्लिम वोटो में सेध लगाने की पूरी कोशिश कर रही है. रहीसा बानो को जितने भी वोट मिलेंगे उतना ही कांग्रेस प्रत्याशी को नुकसान होने की सम्भावना है.SUBHASH MAHARIYA

भाजपा से 2009 में भाजपा जिलाध्यक्ष डा. दशरथ सिंह शेखावत ने चुनाव लड़ा था. उन्होने इस बार पुन: टिकट के लिये पूरा जोर लगाया था मगर नाकाम रहे. डा. दशरथ सिंह का टिकट कटने से राजपूत मतदाताओ में नाराजगी है जिसका खामियाजा भाजपा प्रत्याशी को उठाना पड़ सकता है. जिले में करीबन दो लाख राजपूत मतदाता है जिनका झुकाव निर्दलिय डा.राजकुमार शर्मा की ओर लग रहा है. जिले में माली मतदाताओं की भी काफी संख्या है. माली समाज को इस बार कांग्रेस या भाजपा द्वारा प्रदेश में एक भी टिकट नहीं दिये जाने के कारण माली मतदाता दोनो ही प्रमुख पार्टियों से नाराज हो रहें हैं. नवलगढ़ से गत विधानसभा चुनाव में मंत्री रहते कांग्रेस टिकट नहीं मिलने पर रिकार्ड मतों से निर्दलिय चुनाव जीतने वाले डा.राजकुमार शर्मा झुंझुनू सीट पर कांग्रेस व भाजपा की

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जीत में रोड़ा बने हुये हैं.

डा.राजकुमार शर्मा 1980 का इतिहास दोहराने जा रहे है,जब दो बड़े जाट नेता शीशराम ओला व सुमित्रा सिंह को हरा कर ठाकुर भीमसिंह मंडावा चुनाव जीत गये थे. इस बार के चुनाव में भी जिले की जनता का यही मूड लग रहा है. डा.राजकुमार शर्मा को अपनी जुझारू छवी के चलते लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है.

शेखावाटी की तीनो ही सीटों पर निर्दलियों ने कांग्रेस व भाजपा के छक्के छुड़ा रखें हैं. कांग्रेस के समर्थन में राहुल गांधी झुंझुनू में जनसभा को सम्बोधित किया था वहीं भाजपा के पक्ष में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे धुंआधार दौरे कर हर हाल में भाजपा को जिताने का प्रयास कर रही है. चुरू में बसपा प्रत्याशी अभिनेष महर्षि के पक्ष में मायावती तारानगर में जनसभा कर चुकी है. शेखावाटी की जनता किसको अपना सांसद चुनती है इस बात का पता तो चुनाव परिणामों के बाद ही चल पायेगा फिलहाल सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के समीकरण बिठाने में लगे नजर आते हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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