सुप्रीम कोर्ट ने कहा जांच होने तक सुनील गावस्कर संभालें बोर्ड का कामकाज..

admin 2
0 0
Read Time:3 Minute, 50 Second

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन को करारा झटका देते हुए सुझाव दिया कि आईपीएल फिक्सिंग केस की जांच होने तक सुनील गावस्कर बोर्ड का कामकाज संभालें। साथ ही कोर्ट ने कहा कि चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स को भी आईपीएल 7 में नहीं खेलना चाहिए। कोर्ट इस मामले में कल अंतरिम फैसला सुनाएगा।download
आज सुनवाई के दौरान बीसीसीआई ने कोर्ट से कहा कि वो मुदगल कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए तैयार है। बीसीसीआई ने कहा कि मुदगल कमेटी की रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।
बीसीसीआई ने ये भी कहा कि आईपीएल फिक्सिंग मामले की विस्तृत जांच जरूरी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्रिकेट और कानून के हित में सबको मिलकर सोचना होगा और उसी के हिसाब से आदेश देने होंगे।
वहीं, कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी ने जांच कमेटी के सामने मयप्पन को लेकर गलत बयान दिया। धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान होने के साथ इंडिया सीमेंट के वाइस प्रेसीडेंट भी हैं। इससे साफ तौर पर हितों के टकराव का मामला बनता है।
श्रीनिवासन की मुश्किलें बढ़ीं
आईपीएल फिक्सिंग की छाया से बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से मिली कड़ी फटकार के बाद माना जा रहा था कि बुधवार को एन श्रीनिवासन बीसीसीआई अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन श्रीनिवासन ने सभी कयासों को गलत साबित कर दिया। ऐसे में सवाल था कि क्या श्रीनिवासन अपने अड़ियल रुख़ पर कायम रहेंगे या फिर आखिरी मिनट में कोई फैसला लेंगे।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से ही बीसीसीआई में इस बात को लेकर हलचल शुरु हो गई थी कि श्रीनिवासन किसी भी समय इस्तीफा दे सकते हैं। बुधवार को सुबह चेन्नई में श्रीनिवासन जब अपने वकील पी एस रमण से मिले तो इस बात की चर्चा तेज़ हो गई कि बीसीसीआई अध्यक्ष ने कानूनी सलाह के बाद इस्तीफे का मन बना लिया है। लेकिन, सार्वजनिक तौर पर उनके वकील ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
आलोचनाओं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद श्रीनिवासन का अब तक इस्तीफे की पेशकश नहीं करना बीसीसीआई के कई आला अधिकारियों की भी समझ से परे है। तमाम मुश्किलों और विवादों के बावजूद हमेशा अपनी ज़िद पर अडे़ रहने वाले श्रीनिवासन के लिए इस बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना मुमकिन नहीं दिखता है।

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

2 thoughts on “सुप्रीम कोर्ट ने कहा जांच होने तक सुनील गावस्कर संभालें बोर्ड का कामकाज..

  1. बहुत ही सही संतुलित निर्णय ,क्रिकेट बोर्ड में सफाई करने व व्यवस्था को सुधरने का मौका दिया है कोर्ट ने।, जो बहुत ही जरुरी था

  2. बहुत ही सही संतुलित निर्णय ,क्रिकेट बोर्ड में सफाई करने व व्यवस्था को सुधरने का मौका दिया है कोर्ट ने।, जो बहुत ही जरुरी था

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

नरेन्द्र मोदी का दलित चिन्तन..

-भंवर मेघवंशी|| भारतीय जनता पार्टी की ओर से भावी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर दलितों का नेतृत्व बेहद आकर्षित नजर आ रहा है, ऐसा उनकी भीड़ खीचने की क्षमता की वजह से हो रहा है अथवा उनके दलित हितैषी होने की वजह से? यह अभी विचारणीय प्रश्न बना हुआ है, […]
Facebook
%d bloggers like this: