बीरभूम सामूहिक बलात्कार काण्ड में लापरवाही पर एसपी को हटाया..

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पश्चिम बंगाल महिला आयोग ने सालिसी सभा (ग्रामीणों की पंचायत) के निर्देश पर आदिवासी युवती (20) से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

सभी राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा की है और सालिसी सभा के फैसले को “शर्मनाक” बताया है. घटना की चौतरफा निंदा और आरोपियों को पुलिस हिरासत में नहीं लिए जाने के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीरभूम के पुलिस अधीक्षक सी. सुधाकर को हटा दिया है. कुणाल अग्रवाल वहां के नए पुलिस अधीक्षक होंगे.1124895

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के लाभपुर थाना इलाके के सुबलपुर गांव में सोमवार रात युवती से मुख्य आरोपी बलाई मार्डी (58) समेत 13 लोगों ने कथित तौर पर रात भर सामूहिक दुष्कर्म किया था. राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन सुनन्दा मुखर्जी ने कहा कि हमने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है. मामले की जांच चल रही है. हम इसका पूरा ध्यान रखेंगे कि दुष्कर्म करने का आदेश देने वाले मुख्य आरोपी सहित बाकी अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिले.

दूसरी ओर, युवती से सामूहिक बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों को गुरूवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बोलपुर के उप संभागीय न्यायिक मजिस्ट्रेट पीजूश घोष ने 13 आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. एक अन्य जाति के युवक खालेक शेख (24) से प्रेम प्रसंग चलने के कारण सालिसी सभा ने युवक तथा युवती को 25-25 हजार रूपए जुर्माना देने को कहा. जब दोनों ने जुर्माने की राशि देने से इनकार कर दिया तब सभा ने 13 लोगों को उक्त युवती से बलात्कार करने का आदेश दिया. घटना के बाद पीडिता के परिजनों ने लाभपुर पुलिस थाना में मामले की शिकायत दर्ज कराई. पीडिता को सिउड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. अस्पताल में पीडिता से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है.

चार साल पहले निर्वस्त्र कर घुमाया था
जिले में ही चार साल पहले इसी तरह के मामले में एक आदिवासी लड़की को निर्वस्त्र कर चार गांवों में घुमाया गया था. मनचलों ने घटना की तस्वीर अपने मोबाइल फोन पर कैद की थी तथा एमएमएस बनाया था. बाद में प्रधानमंत्री ने पीडित लड़की को बहादुरी का पुरस्कार दिया था.

पूछताछ के लिए करेंगे अपील
इस बीच पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम) सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि सभी 13 आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस की ओर से अदालत में फिर से अपील की जाएगी. उन्होंने मामले को दबाने से साफ इनकार किया.
उन्होंने अस्पताल में पीडिता से मुलाकात की. हैरानी की बात है कि 13 युवकों ने सालिसी सभा के निर्देश पर युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया, पर पूरे गांव में किसी ने इसका विरोध नहीं किया.

उल्टे पीडिता पर घटना की शिकायत किसी से नहीं करने का दबाव दिया गया. पीडिता ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी मां के साथ जाकर लाभपुर थाना में शिकायत की.

हो कठोर कार्रवाई
कोलकाता. आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना की निंदा करते हुए राज्यपाल एम.के. नारायणन ने गुरूवार को कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कर्रवाई होनी चाहिए. सामूहिक बलात्कार काण्ड पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने कहा कि सभी आरोपियों को फौरन गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

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