आखिर भाजपा चाहती क्या है..

admin

-हरेश कुमार||

हाल के दिनों में राजनीति ने जिस कदर करवटें ली है, उसे देखकर हर कोई हैरान-परेशान है। चाहे कांग्रेस हो या भाजपा या कोई और क्षेत्रीय दल दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राजनीतिक उदय से भौंचक्के हो गए हैं और हो भी क्यों ना आज से पहले किसी भी बुद्धिजीवी वर्ग के द्वारा गठित दल को जनता ने इतनी मान्यता जो नहीं दी थी। इसे देखते हुए सारे दल निश्चिंत थे कि ये सब बस महज कुछ दिनों का ड्रामा है और चुनाव बाद सब खत्म हो जायेगा।bjp-flag-_new

कांग्रेस और भाजपा तथा कई क्षेत्रीय दलों के नेता आप के उदय से काफी डर से गए हैं एकदम से। उन्हें लगता है कि इनकी राजनीतिक दुकानदारी बंद हो जायेगी। जैसा कि वे जनता को अभी तक सिर्फ कोरे वादे करते आये हैं।

इससे पहले अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी विद डिफरेंस का नारा दिया था, लेकिन सभी ने देखा कि किस तरह से सभी पार्टियों से भिन्न चाल,चेहरा और चरित्र का दावा करने वाली पार्टी ने सरकार के गठन के लिए जिन मुद्दों पर चुनाव लड़ा था, एक-एक करके उन्हीं मुद्दों से किनारा कर लिया। पहले राम मंदिर निर्माण, फिर धारा 370 जैसे मुद्दों से उसे कोई सरोकार नहीं रहा। तो क्या जनता से किया गया वादा सिर्फ वोट पाने के लिए था। पार्टी की तरफ से इसके बचाव में कहा गया कि हमें पूर्ण बहुमत नहीं मिला है और गठबंधन की सरकार होने के नाते हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे कि गठबंधन के दलों को कोई ऐतराज हो सके। क्यों आपको चुनाव में जाने से किसने रोका था। क्या सरकार बनाना ज्यादा जरूरी था।

खैर, यह सब अतीत की बातें हैं, लेकिन हाल-फिलहाल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने एक बार फिर से केंद्र में सरकार बनाने के लिए कमर कसी है। चार राज्यों में मिली जीत से उसे एक तरह से नई प्राण वायु मिला है। सरकार भाजपा बनाये या कोई और दल, इससे किसी को ऐतराज नहीं है और एक परिपक्व लोकतंत्र में किसी को ऐसा करने का अधिकार भी नहीं है। हर कोई सरकार गठन के लिए स्वतंत्र है बशर्ते कि वह भारतीय संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करता हो। भारतीय संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेता हो।

इधर दिल्ली में आम आदमी पार्टी के द्वारा सरकार गठन की कोशिशों को लेकर भाजपा ने आप पर आरोपों की बौछार करनी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह कांग्रेस की बी टीम है औऱ शुरू से ही भाजपा ऐसा कहती रही है। भाजपा अपने समर्थन में कह रही है कि देखो हमने कहा था ना और यह सच होता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का समर्थन ले रही है जिसके 15 सालों के कुशासन, भ्रष्टाचार, बिजली-पानी के बढ़ते बिल के खिलाफ जनता के बीच गई थी।

यहां लाख टके का सवाल यह उठ रहा है कि जनता ने तो भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अपना मत दिया था। लेकिन उसने सरकार बनाने से मना कर दिया औऱ आम आदमी पार्टी को दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने के लिए आगे आना पड़ा। भाजपा ने देखा कि कि उसके पास चार विधायक कम है और अगर वह जोड़-तोड़ करके सरकार बनाती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में उसे इसका नुकसान उठाना पड़ा सकता है। सो भविष्य में होने वाले नुकसान को देखते हुए भाजपा ने सरकार बनाने से मना कर दिया।

इसका एक अन्य कारण है, भाजपा और कांग्रेस को लगता है कि कुछ महीने में ही आप को सरकार चलाने में आने वाली दिक्कतों के साथ-साथ आंटे-चावल का भाव मालूम हो जायेगा और फिर इसका लाभ उसे लोकसभा में मिलेगा।

तो क्या भाजपा का व्यवहार खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह तो नहीं दिख रहा है। ना हम सरकार बनायेंगे और ना किसी को बनाने देंगे और अगर कोई सरकार बनाये तो उस पर उल्टे-सीधे आरोप लगायेंगे। अरे भाई, जनता ने आपको अपना मत दिया है तो आपका हक है कि आप सरकार बनाये लेकिन आप ना तो सरकार बना रहे हैं और ना किसी को बनाने दे रहे हें। ऐसा नहीं है कि अल्पमत की सरकार नहीं बन सकती है। और अगर भाजपा सरकार बनाना चाहती तो इसे कोई रोक भी नहीं सकता था, लेकिन पार्टी को तो लोकसभा का चुनाव दिख रहा है। कहीं शाइनिंग इंडिया वाली हालत ना हो जाये सो हम तो यही राय देंगे कि कोई प्रतिक्रिया देने से पहले पार्टी काफी सोच-समझकर कदम रखे। अभी पार्टी की प्रतिक्रिया तो बच्चों वाली हरकत से ज्यादा नहीं लगती है.

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

आप सरकार बनाने को तैयार, जंतर-मंतर, रामलीला मैंदान या राजघाट में होगा शपथ ग्रहण..

-हरेश कुमार|| दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रहा संस्पेंस अब खत्म ही होने वाला है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी (आप) की बैठक चल रही है। गौरतलब है कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार बनाने के लेकर […]

आप यह खबरें भी पसंद करेंगे..

Facebook
escort eskişehir - lidyabet - macbook servis - kabak koyu
%d bloggers like this: