टीम अन्ना के खिलाफ दर्ज हो सकती है पुलिस रिपोर्ट

admin
0 0
Read Time:5 Minute, 3 Second

भारी जन समर्थन के बूते जन लोकपाल बिल पर सरकार को झुका देने वाली टीम अन्‍ना को अब एक और झटका लगा है। टीम अन्‍ना के सदस्‍य और वरिष्‍ठ वकील प्रशांत भूषण को संसद के विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है। भूषण ने कहा था कि सांसद पैसे लेकर कानून पास करते हैं। भूषण को 14 सितंबर तक इस नोटिस का जवाब देना है। भूषण ने एक टीवी चैनल से बातचीत में इसकी पुष्टि की है। उन्‍होंने कहा, ‘मुझे विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है और मैं इसका जवाब दूंगा।’

प्रशांत भूषण के पिता और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने आज कहा कि यह मामला विशेषाधिकार हनन के तहत नहीं आता है। उन्‍होंने कहा, ‘नोटिस का जवाब दिया जाएगा लेकिन यदि सरकार फिर भी कोई कदम उठाती है तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।’

इस तरह का एक नोटिस किरण बेदी को भी मिला है। उन्‍होंने सांसदों के बारे में टिप्‍पणी की थी कि वे मुखौटा ओढ़े रहते हैं और कभी इस तरफ, कभी उस तरफ की बातें करते हैं। अगर ये दोनों विशेषाधिकार हनन का दोषी पाए गए तो इन्‍हें 15 दिनों की जेल भी हो सकती है। बेदी भी नोटिस का जवाब तैयार कर रही हैं।

इसके अलावा टीम अन्‍ना को एक और पलटवार का सामना करना पड़ सकता है। टीम अन्‍ना के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस एफआईआर कर सकती है। यह एफआईआर रामलीला मैदान में अन्‍ना के 12 दिन के अनशन के दौरान कई शर्तें तोड़ने के आरोप में की जा सकती है।

दिल्‍ली पुलिस के सूत्र बताते हैं कि बीते रविवार अन्‍ना का अनशन टूटने के बाद तमाम पुलिस अफसरों की कई बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में यही तय किया गया कि किस आधार पर टीम अन्‍ना के खिलाफ मुकदमा किया जा सकता है। तय हुआ है कि टीम अन्‍ना ने रामलीला मैदान में आंदोलन के लिए जो लिखित हलफनामा दिया था, उसकी चार अहम शर्तों का उल्‍लंघन हुआ है और इसके लिए टीम अन्‍ना को कठघरे में खड़ा किया जा सकता है।
जिन शर्तों के उल्‍लंघन की बात कही जा रही है, उनमें एक तो रात 10 बजे के बाद माइक या लाउडस्‍पीकर का इस्‍तेमाल करना है। समर्थकों को इंडिया गेट पर जमा होने के लिए कहने को भी शर्तों का उल्‍लंघन माना जा रहा है, क्‍योंकि इंडिया गेट पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं ली गई थी। इंडिया गेट पर मशाल जुलूस निकाल कर ट्रैफिक बाधित करने का आरोप भी टीम अन्‍ना पर लगाया जा सकता है। टीम अन्‍ना के आह्वान पर समर्थकों ने पूरे लुटियंस जोन, यहां तक कि प्रधानमंत्री निवास के पास भी धरना दिया था। सूत्र बताते हैं कि दिल्‍ली पुलिस इस मामले में भी कानूनी जानकारों की राय ले रही है।

सूत्र बताते हैं कि अगर कानूनी राय पक्ष में रही, तो कमला नगर पुलिस थाने में टीम अन्‍ना के खिलाफ एफआईआर की जा सकती है। बताया जाता है कि इस पुलिस थाने की ओर से एसीपी ने अनशन के दौरान आयोजकों को आठ चेतावनी भरी चिट्ठी भी भेजी थी। इनमें से किसी भी पत्र का आयोजकों की ओर से जवाब नहीं दिया गया है। इन पत्रों को भी अब दिल्‍ली पुलिस अपना केस मजबूत करने के लिए इस्‍तेमाल कर सकती है।
सूत्र बताते हैं कि रामलीला मैदान में जिन शर्तों का उल्‍लंघन हुआ है, उसकी रिपोर्ट तैयार कर जल्‍द से जल्‍द पुलिस मुख्‍यालय को भेजी जानी है। वहां बड़े अफसर और कानूनी विशेषज्ञों की राय के बाद एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। सुबूत के तौर पर रामलीला मैदान की घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग पेश की जाएगी। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर समाचार चैनलों से भी वीडियो फूटेज उपलब्‍ध कराने के लिए कहा जा सकता है।
(भास्कर में छपी रिपोर्ट पर आधारित)

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

मध्य प्रदेश का सूचना केंद्र या भाजपा का अपना पीआईबी कार्यालय?

-लिमटी खरे।। सुषमा स्वराज की पीआर में जुटा एमपी जनसंपर्क का दिल्ली कार्यालय सरकारी विज्ञप्तियों की बजाए सांसदों की विज्ञप्तियों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है सूचना केंद्र सेवानिवृत्ति के पहले मलाईदार पद सुनिश्चित करना चाह रहे मुलाजिम! राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके कनॉट प्लेस की बाबा खड़क सिंह मार्ग […]
Facebook
%d bloggers like this: