जज ने किन वज़हों के आधार पर तलवार दंपति को दी सज़ा …

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देश के सबसे चर्चित और सनसनीखेज आरूषि-हेमराज हत्याकांड में अपनी ही बेटी की हत्या और फिर सबूत मिटाने के जुर्म में उसके माता-पिता को कल उम्रकैद की सजा मिली।

पढ़िए कि आखिर ऐसी क्या वज़हें रही जिसके दम पर तलवार दंपति को ये सजा सुनाई गई।।  ऐसी क्या-क्या वज़ह थी जिससें माता-पिता और बेटी का रिश्ता यहां तक जा पहुंचा कि एक ओर 14साल की छोटी सी उम्र में बेटी इस दुनिया से बहुत दूर चली गई और दूसरी ओर उसके मां-बाप सलाखों के पीछे पहुंच गए । पढ़िए ये दस वज़हें-

 

  1. तलवार के चालक उमेश ने उस मनुष रात से पहले जब एक फूल जैसी बच्ची और घर के सहायक नौकर की हत्या कर दी गई आरोपियों(नूपुर और राजेश) को पीड़ितों के साथ नोएडा के जलवायु विहार फ्लैट नंबर एल-32 में देखा था ।
  2. 16मई की सुबह आरूषि जिस कमरे में मृत मिली उसके और आरोपियों के कमरे के बीच महज़ एक दीवार की दूरी भर थी।
  3. शुरूआती तफ्तीश में पुलिस जांच के दौरान जिस हेमराज(नौकर)पर वारदात को अंजाम देने का शक कर रहीं थी उसकी लाश फ्लैट नंबर एल-32 में ही मिली।लाश के चारोओर खून फैला हुआ था।
  4. आखिरी बार जब आरोपियों और पीड़ितों को साथ देखा गया और 15-16मई के बीच जब उनकी हत्या की गई इन दोनों परिस्थितियों के बीच समय का अंतर बेहद कम था।इस आधार पर माना गया कि इस अवधि के बीच आरोपियों के सिवा कोई दूसरा अपराध को अंजाम नहीं दे सकता था।
  5. आरूषि के कमरे के दरवाज़े में खुद-ब-खुद बंद हो जाने वाला ताला लगा था।दरवाज़ा अंदर से बिना चाबी के खोला जा सकता था जबकि बाहर से खोलने के लिए चाबी की ज़रूरत पड़ती थी।नोएडा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक(शहर)महेश कुमार के अनुसार 16 मई की सुबह जब उन्होंने राजेश तलवार से बात की तो उन्होंने बताया कि वह आरूषि का दरवाज़ा बाहर से बंद करके सोने गए थे।फिर सवाल उठता है कि आखिर कमरे का दरवाज़ा कैसे खुला और इसें खोला किसने ?
  6. वारदात की रात इंटरनेट चालू था।इससे यह माना गया कि आरोपियों में से कोई एक तो जगा ही हुआ था।
  7. घर में साढ़े नौ बजे के बाद कोई बाहर से आया था ये दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं मिलें।माना गया कि घर में दो आरोपी और दो पीड़ित ही मौजूद थे।न ही रात के समय किसी को घर के आस-पास संदिग्ध हालात में घूमते हुए पाया गया।
  8. वारदात की रात कोई घर में जबरन दाखिल हुआ हो,चोरी की हो,ऐसा कोई सबूत नहीं मिला।
  9. 16मई की सुबह जब तलवार दंपति आवास पर उनकी नौकरानी पहुंची तो नूपुर ने बहाना बनाया कि दरवाज़ा बाहर से बंद हो सकता है जबकि ताला बाहर से बंद नहीं था।
  10. तलवार की नौकरानी भारती मंडल ने ऐसा कोई दावा नहीं किया कि उसके घर पहुंचने के बाद उसने एक दफ़ा भी दोनों आरोपियों में से किसी  एक को भी रोते हुए देखा।
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