Exclusive: सोरी और लिंगा को अंतरिम ज़मानत, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी…

admin
0 0
Read Time:4 Minute, 29 Second

“हमारी चिंता का विषय यह है कि इस तरह की घटनाओं से कोर्ट का इकबाल न ख़त्म हो जाय, इसलिए ये कोर्ट इन दोनों को और ज़्यादा ज़ुल्मों से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से ज़मानत पर रिहा करती है।”

 

547227_250051045090831_2112740678_n

सर्वोच्च न्यायालय ने आज ये टिप्पणी करते हुए एक अहम लड़ाई को अहम मोड़ दे दिया है। कोर्ट ने सोनी सोरी और लिंगा कोडोपी को ज़मानत दे दी है और साथ ही देश भर में जल, जंगल ज़मीन, आदिवासियों के अधिकारों और मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ रहे एक्टिविस्टों के चेहरों पर मुस्कुराहट आ गई है। सोनी सोरी को 4 अक्टूबर 2011 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, सोरी पर माओवादियों के साथ देश विरोधी गतिविधियों लिप्त होने के तमाम आरोप लगाए गए लेकिन देश भर के एक्टिविस्ट तुरंत इसके खिलाफ लामबंद हो गए और फिर हिरासत के भीतर से सामने आई सोरी की दर्द भरी दास्तान जिसमें सोरी पर किस तरह पुलिसवालों ने जुल्म किया वो सुनकर लोगों के कलेजे कांप गए। देश भर में पिछले 3 सालों में लगातार सोरी की रिहाई को लेकर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं।

साथ ही अदालत ने आदिवासी पत्रकार लिंगा कोडोपी को भी ज़मानत दे दी है, सिंगा सोनी सोरी के भतीजे हैं और उनको 2009 में माओवादी कह कर गिरफ्तार कर लिया गया था। कोडोपी की गिरफ्तारी के खिलाफ सोनी सोरी की लड़ाई भी उनकी गिरफ्तारी की बड़ी वजह मानी जाती है। लेकिन आदिवासियों के मौलिक अधिकारों के सरकार-कारपोरेट के हनन के हमारे दौर में दो पढ़े-लिखे आदिवासियों पर पुलिसिया ज़ुल्म किस तरह इस तंत्र और देश में वंचित समुदायों का भरोसा खत्म कर रहा है, ये इस बारे में सोचने का वक्त है।

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब नरेंद्र मोदी हाल ही में छत्तीसगढ़ में रैली कर के गए हैं और नक्सलियों को बड़ा ख़तरा बताया है और आज जिस वक्त ये फैसला हो रहा था, छत्तीसगढ़ के ही अम्बिकापुर में सोनिया गांधी भाषण दे रही थी, नक्सली समस्या पर बोल रही थी और आदिवासियों को उनकी आवाज़ सुने जाने का भरोसा् दे रही थी। कोर्ट की टिप्पणी सोनिया गांधी को जवाब है और मोदी को नसीहत कि दरअसल बातें करने से आदिवासियों की समस्याएं समाप्त नहीं होने वाली, सिस्टम में क्या वाकई उनके लिए जगह है…

सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार जो सोनी सोरी के हक की लड़ाई में लगातार जी जान से जुटे रहे, उन्होंने मीडिया दरबार से बात करते हुए कहा, “ये एक अहम जीत है और अब इस लड़ाई को अदालत की टिप्पणी से भी ताकत मिलेगी, सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को पुलिस इस बीच किसी अन्य फ़र्ज़ी मामले में ना फंसा सके इस लिए सर्वोच्च न्यायलय ने इस दौरान सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को छत्तीसगढ़ से बाहर रहने का आदेश दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस को अब सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को ससम्मान अपनी देखरेख में दिल्ली तक पहुंचा कर वापिस जाना होगा।”

इस मामले की अगली सुनवाई अब ३ दिसंबर को होगी और उम्मीद है कि तब तक सोनी सोरी जनता के बीच होंगी।

 

तस्वीर – साभार तहलका अंग्रेजी

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

कॉर्पोरेट मीडिया भूल गया सोनी सोरी को...

छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में कल हुए अड़सठ फ़ीसदी मतदान की ख़बरों को बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रहे भारतीय मीडिया के लिए छत्तीसगढ़ के आदिवासी या सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी कोई TRP नहीं बटोरते शायद इसीलिये जब भारत का सर्वोच्च न्यायालय सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को अंतरिम […]
Facebook
%d bloggers like this: