मृदुरेखा ने भाजपा छोड़ी, निर्दलीय लडेंगी…

बाड़मेर, बाड़मेर जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार शाम भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बाड़मेर और बायतु में भाजपा दो फाड़ हो गई है. यहां भाजपा को आगामी चुनाव में बागी प्रत्याशियों से जूझने की संभावना बलवती हो गई है.Mradurekha Choudhary3

बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र में टिकट वितरण से खफा भाजपा से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुकी और इस बार भी दावेदारी करने वाली मृदुरेखा चौधरी ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बुधवार को भाजपा से इस्तीफा दे दिया. चौधरी ने अपने आवास पर संवाददाताओं को बताया कि पार्टी अध्यक्ष राजनाथसिंह, प्रदेशाध्यक्ष वसुंधराराजे व नरेन्द्र मोदी के नाम भेजे इस्तीफे में उल्लेख किया कि गंगाराम चौधरी की पोती प्रियंका चौधरी को टिकट दिया गया है.

पिछली बार इनको टिकट नहीं मिला था तो इन्होंने भाजपा में रहते हुए पार्टी के खिलाफ महापंचायत बुलाई और प्रत्याशी को हराने का कार्य किया. लोकसभा, नगर पालिका और पंचायत के चुनावों में भी यही भूमिका रही. गंगाराम की फितरत ही दल बदलने की रही है.

भीतरघात करना और केवल अपने परिवार को ही आगे बढ़ाना उनका लक्ष्य है. वे किसी पार्टी के नहीं है. चौधरी ने बताया कि उन्होंने 18 साल तक पार्टी में सेवाएं दी है. कार्यकर्ता और तमाम सर्वे उनके पक्ष में है. इसके बावजूद केवल इसलिए टिकट काटना कि गंगाराम चौधरी के परिवार को टिकट देना है, यह गलत नीति है.

पार्टी के प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को इस बात से अवगत करवाया था, लेकिन तवज्जों नहीं दी गई. टिकट अन्य किसी को भी मिलता तो कोई दु:ख नहीं था, लेकिन प्रियंका को टिकट मिलना स्वीकार्य नहीं है. इसलिए अब वे पार्टी छोड़ रही है और निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी. चौधरी ने बताया कि 8 नवंबर को वे नामांकन दाखिल करेंगी.

महावीर नगर स्थित मृदुरेखा के निवास पर सुबह से ही उनके समर्थकों के आने जाने का सिलसिला जारी रहा. लोगों से मुलाकात करने के साथ ही वे नामांकन दाखिले के दिन होने वाली सभा और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चाएं करती रही. इस दौरान पार्टीछोड़ने और चुनाव लड़ने को लेकर भी रणनीति बनाती रही.

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