पटेल चौक रखा जाए परी चौक का नाम…

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हरित प्रदेश पार्टी ने मनाई लोह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती…

हरित प्रदेश पार्टी द्वारा गुरूवार को देश के प्रथम ग्रह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती का आयोजन किया गया. इस अवसर पर हरित प्रदेश पार्टी के सैकडों कार्यकर्ताओं ने पहले एनआरआई सिटी में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया. इसके बाद सभी कार्यकर्ता सरदार बल्लभ भाई पटेल अमर रहें के नारे लगाते हुए हाथों में तख्तियां लिए परी चौक पहुंचे. जहां उन्होंने परी चौक की परिक्रमा कर चौक का नाम बल्लभ भाई पटेल रखे जाने की मांग करी. इस दौरान हरित प्रदेश पार्टी के नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा.pari chauk

इस अवसर पर हरित प्रदेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. पुष्पेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पटेल साहब का देश की स्वतंत्रता में विशेष योगदान था. इसके अलावा उन्होंने आजादी के बाद विभिन्न 550 से अधिक रियाशतों को विलय कर देश की अखंडता को कायम रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इतना ही नहीं उन्होंने नीतियों को बनाए जाने के दौरान हमेशा किसान, मजदूर की वकालत करी. उनके विशेष कार्यों की वजह से ही आज उन्हें देश का बच्चा बच्चा लोह पुरूष के नाम से जानता है. इस हरित प्रदेश पार्टी के नेताओं ने एनआरआई सिटी स्थित जिला कार्यालय से परी चौक तक पद यात्रा करी. पद यात्रा के दौरान सभी कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सरदार पटेल अमर रहें के नारे लगाते रहे. पद यात्रा के बाद एक ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सरकार से मांग करी कि ग्रेटर नोएडा के परी चौक का नाम पटेल चौक किया जाए. इतना ही नहीं परी चौक पर लोह पुरूष की एक प्रतिमा भी लगवाई जाए. ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी लोह पुरूष को याद रख सकें.

इस अवसर पर हरित प्रदेश पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी एडवोकेट, डा. रूपेश वर्मा, जिलाध्यक्ष शिव कुमार बैसला, रामदेव रावल, जगदीश नंबरदार, हरेंद्र खारी, ब्रहम सिंह दरोगा जी, विनोद भाटी, ऋषिराज, आसमौहम्मद, विनोद राठी, सुनीत भाटी, वीर सिंह नेताजी, हदेश नागर, प्रदीप नागर, बिल्लू, मनोज त्यागी आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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