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अखबार एक प्रतिनिधि अनेक, प्रेसवार्ता करवाने वालो के छूटे पसीने…

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-रमेश सर्राफ||

झुंझुनू, राजस्थान के झुंझुनू जिला मुख्यालय पर पत्रकारों की प्रेसवार्ता आयोजित करवाने वालो आयोजकों के पसीने छूट रहे है. अभी तक यह चलन रहता आया था कि प्रेसवार्ता में एक अखबार या न्यूज चैनल से एक ही प्रतिनिधि शिरकत करते थे. जिससे आयोजक उसी के अनुरूप व्यवस्थाएं करते थे.press-conference

लेकिन अब प्रेस वार्ता करवाने वालो को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा  है, क्योंकि पहले जहां निमंत्रित पत्रकार ही वार्ता में भाग लेते थे. वही अब तो बिना आमत्रंण के ही एक आध दर्जन पत्रकार जा धमकते है. वही कई बार एक अखबार से दो, तीन पत्रकार प्रेस वार्ता में आकर अपनी गौरवमयी उपस्थिति दर्ज करवा रहे है. जिससे एक और तो पत्रकारिता का मर्यादा का हनन हो रहा है. तो वही पत्रकारो का गौरव भी घट रहा है. लेकिन कुछ भाई लोग अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे है. जिससे वह दिन दूर नही जब आयोजक निमत्रंण देखकर या फिर एक संस्थान से एक ही को वार्ता कक्ष में प्रवेश देगें.

वैसे भी इन दिनो झुंझुनू जिला मुख्यालय पत्रकारों की बाढ़ सी आयी हुयी है. प्रेस लिखे वाहन जिले भर में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं. जिनमें से अधिकांश वाहन गैर पत्रकारों के हैं, मगर पुलिस व प्रशासन आंख मूंदे बैठा हुआ है. झुंझुनू जनसम्पर्क कार्यालय से जिला मुख्यालय के विभिन्न समाचार पत्रों के संवाददाताओं को प्रतिदिन प्रेस नोट भेजे जाने वाली सूची भी दिनदिनों तेजी से बढ़ रही है. झुंझुनू में कई पत्रकार तो एक से अधिक चैनलों की आई डी लेकर घूम रहे हैं.

झुंझुनू से एक पत्रकार की रिपोर्ट

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admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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