PMO ने विधायक साले मोहम्मद और परिवार के खिलाफ की गयी कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की…

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-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर सरहदी जिले जैसलमेर के  गाजी फ़क़ीर की हिस्ट्रीशीट खुलने और उनके विधायक पुत्र साले मोहम्मद पर पाक जासूस  देने के  प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार से अब तक की गयी कार्यवाही की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है.gazi faqir (2)

saleh mohammadजानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय के राजनीतिक अनुभाग ने गाजी फ़क़ीर और उनके परिवार के विरुद्ध अब तक की गयी कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की है. इस मामले में लक्ष्मी नगर दिल्ली स्थित भारतीय चरित्र निर्माण संगठन के राष्ट्रीय सचिव शरद वैष्णव की शिकायत पर राजस्थान सरकार से विधायक साले मोहम्मद और उनके परिवार के खिलाफ अब तक की गई कार्यवाही की तथ्यात्मक रिपोर्ट, मुख्य सचिव कार्यालय से यह पत्र  डी आई जी सी आई डी सी बी को तथा सी आई डी सी बी ने पुलिस महा निरीक्षक जोधपुर रेंज को लिख कर रिपोर्ट मांगी गई है.

प्रधानमंत्री कार्यालय से यह पत्र उन्नीस अगस्त को डिस्पेच हुआ तो मुख्य सचिव कार्यालय राजस्थान सरकार ने इसे छह सितम्बर को प्राप्त किया. मुख्य सचिव ने सोलह सितम्बर को डिस्पेच किया. छब्बीस सितम्बर को गृह विभाग से यह पत्र  डिस्पेच हुआ.  चार अक्तूबर को एडीजीसीआईडी अपराध शाखा ने महा निरीक्षक को भेज रिपोर्ट मांगी.

गौरतलब है कि पिछले दिनों जैसलमेर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी द्वारा विधायक के पिता गाजी फ़क़ीर की बंद पड़ी हिस्ट्रीशीट पुनः  खोल सियासी  हलचल मचा दी. बाद में पंकज चौधरी का तबादला हो गया था. गाजी फ़क़ीर की क्षेत्र में मुस्लिम मतों पर बड़ी पकड़ है. कांग्रेस वोट बैंक खिसकने के डर से इस मामले को ठन्डे बस्ते में डाल चुकी थी. मगर प्रधानमंत्री कार्यालय की इस चिठ्ठी ने फिर तूफ़ान खडा कर दिया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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