चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन…

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-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर,  गत 3 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लागू हो गयी. आचार संहिता के अमल के साथ ही जिलाधीश के मार्गदर्शन में अब तक शहर-जिले में छोटे-बड़े कुल 2400 होर्डिंग्स-बैनर लगे थे. जिसमे से बहुत कम होर्डिंग हटाये गए हैं.

khaday surkshasasta ration

जिला मुख्यालय पर अभी भी सरकार के गुणगान करते होर्डिंग चुनाव आयोग को चिढ़ा रहे हैं ,जिला प्रशासन की बेरुखी के चलते होर्डिंग हटाये नहीं गए.

आचार संहिता की शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम तक स्थापित नहीं किया गया. जिला मुख्यालय पर राजकीय अस्पताल परिसर, सी एम् एच ओ कार्यालय, भूमि अवाप्ति कार्यालय के पास सरकार की योजनाओ के गुणगान करते होर्डिंग अभी लगे हुए हैं. जबकि राज्य में आचार संहिता लगे कोई अडतालीस घंटे से अधिक हो चुके हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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