लालू यादव को पांच साल की सज़ा, राजनैतिक भविष्य संकट में…

आज यह सवाल उठना लाजमी है कि न्यायालय से चारा घोटाले में लालू यादव को पांच साल की सज़ा सुनाये जाने के बाद लालू यादव व उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का राजनैतिक भविष्य क्या होगा ? इस सवाल का जवाब कठिन जरुर है लेकिन इतना भी कठिन नहीं है कि जवाब दिया ही न जा सके, उक्त सन्दर्भ में मेरा तो स्पष्ट तौर पर यह मानना है कि इसमें दोराय नहीं है कि लालू यादव व राष्ट्रीय जनता दल दोनों के राजनैतिक भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, संभव है आने वाले दिनों में ये संकटरूपी बादल तूफ़ान की भाँती मंडराने लगें तथा परिणामस्वरूप लालू यादव से जुड़े ज्यादातर लोग अपने बचाव अर्थात सुरक्षित राजनैतिक भविष्य के लिए जदयू, भाजपा, आप, या कांग्रेस की शरण में चले जाएँ, लेकिन इसकी शुरुवात कब होगी यह सवाल अपने आप में ज्यादा महत्वपूर्ण है ?lalu yadav
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बिहार की राजनीति में फिलहाल आगामी लोकसभा चुनाव के पूर्व ऐसे कोई हालात नजर नहीं आ रहे हैं कि ये लोग अर्थात लालू व उनके दल से जुड़े लोग छटपटाहट में अभी से अपने बचाव में छलांग लगाना शुरू कर दें ! लेकिन यहाँ यह कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि आगामी लोकसभा चुनाव की घंटी जैसे ही बजनी शुरू होगी छटपटाहट की शुरुवात भी हो जायेगी, शुरुवात होते ही सभी न सही पर ज्यादातर लोग अपने राजनैतिक भविष्य के मद्देनजर छलांग लगा लगाकर अपने लिए नई जमीन व साया तलाश लें ! इसकी संभावना इसलिए भी है कि इनसे जुड़े लोग भी लालू यादव की नीति अर्थात अपने स्वार्थों के लिए बन्दर की तरह कभी इधर छलांग लगाना तो कभी उधर छलांग लगाना से भलीभांति परिचित हैं, सम्भवत: वे भी इसी गुरुनीति को तुरुप की चाल की तरह इस्तमाल में लें ?
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खैर, राजनैतिक समयरूपी ऊँट किस करवट बैठेगा यह तो समय का चक्र ही जानता है लेकिन यह तय है कि लालू यादव व उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के पतन की शुरुवात लालू यादव को चारा घोटाले में न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने के साथ ही शुरू हो गई है, शीघ्र ही आने वाले दिनों में इसके संकेत भी मिलने शुरू हो जायेंगे ! जहां तक मेरा मानना है कि आज चर्चा का विषय ये नहीं होना चाहिए कि लालू यादव का राजनैतिक भविष्य क्या होगा ? या राष्ट्रीय जनता दल का राजनैतिक भविष्य क्या होगा ? वरन चर्चा का विषय यह होना चाहिए कि राजनीति में भ्रष्टाचार व घोटालों में लिप्त नेताओं व दलों का भविष्य क्या होना चाहिए ? छल व प्रपंचों को अपना राजनैतिक हथियार बनाने वालों का राजनैतिक भविष्य क्या होना चाहिए ? अपने व्यक्तिगत व राजनीतक लाभ के लिए कदम कदम पर राजनैतिक पाला-बदलने वालों का राजनैतिक भविष्य क्या होना चाहिए ? जय हिन्द, जय लोकतंत्र !!
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