रामदेव कर रहे थे बिजनेस वीजा के बजाए यात्री वीजा पर सफर…

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ब्रिटिश अधिकारियों ने शनिवार को योगगुरु बाबा रामदेव को दूसरे दौर की पूछताछ के बाद लंदन में कार्यक्रम करने की अनुमति दे दी है. सूत्रों के अनुसार बाबा रामदेव हीथ्रो हवाई अड्डे से निकल चुके हैं. शुक्रवार को ब्रिटेन आने पर कस्टम अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर करीब छह घंटे तक पूछताछ की थी.ramdev

सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने उनसे दूसरे दिन पूछताछ बिजनेस वीजा के बजाए यात्री वीजा पर सफर करने के संबंध में की. रामदेव पतंजलि योग पीठ (यूके) ट्रस्ट द्वारा योग शिविर और स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन आए हैं. कुछ अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि उन्हें गलती से संदिग्ध आतंकी समझ लिया गया था.

उन्हें हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक वजह अभी तक सामने नहीं आई है. हालांकि यहां पर कार्यक्रम के आयोजकों ने दावा किया कि यह पूछताछ रामदेव के पास मिली संस्कृत किताब को लेकर की गई. अधिकारी इसका अनुवाद कराना चाहते थे.

रामदेव के प्रवक्ता एके तिजारावाला ने कहा, ‘यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि योगगुरु को किस कारण से हीथ्रो हवाईअड्डे पर छह घंटे के लिए हिरासत में लिया गया. उनके पास एक छोटे से थैले के अलावा कुछ नहीं था. ब्रिटिश अधिकारियों को उनके हिरासत में लेने का कारण बताना चाहिए.’ वहीं बाबा रामदेव ने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी कोई अवैध या गलत काम नहीं किया. मुझे एयरपोर्ट पर छह घंटे तक हिरासत में रखा गया, लेकिन कोई कारण नहीं बताया गया. मेरे बार-बार पूछने पर मेरा कसूर क्या है अधिकारियों ने कुछ नहीं बताया.’ हालांकि रामदेव ने इसकेलिए इशारों-इशारों में यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की.

बाद में रामदेव ने कहा कि मुझे बताया गया कि मेरे खिलाफ रेड एलर्ट जारी होना बताया गया. मगर फिर यह बात सामने आयी कि रामदेव बिजनेस वीजा के बजाए यात्री वीजा पर सफ़र कर रहे थे.

गौरतलब है कि पर्यटन वीज़ा पर यात्रा करने वाला कोई यात्री किसी किस्म के कार्यक्रम नहीं कर सकता. जबकि रामदेव लंदन में पतंजलि योग पीठ द्वारा आयोजित कई कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे.

भाजपा ने निंदा की

योगगुरु को हिरासत में लिए जाने की भाजपा ने निंदा की है. भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने योगगुरु को हिरासत में लिए जाने को गंभीर मुद्दा बताया है और केंद्र सरकार से इस मामले का संज्ञान लेने को कहा है.

दक्षिण पश्चिम लंदन में योगगुरु को शनिवार को लैंपटन पार्क कांफ्रेंस सेंटर में स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में अनिवासी भारतीयों की सभा को संबोधित करना था. मगर उनसे हो रही पूछताछ को देखते हुए फिलहाल कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है. इसमें उनके साथ भाजपा नेता वेंकैया नायडू भी शिरकत करने वाले थे. रामदेव को रविवार को ‘द फ्यूचर ऑफ इंडिया-थ्रू द आइज ऑफ एनआरआइ’ विषय पर सभा को संबोधित करना है.

माना जा रहा कि इस कार्यक्रम में पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई भी शामिल होंगी. फिलहाल रामदेव के कार्यक्रमों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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