बाबूलाल नागर ने कैसे लूटी अस्मत, मजिस्ट्रेट को बयान दिया…

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नौकरी के बदले अस्मत लूट लेने के मामले में फंसे राजस्थान सरकार में पूर्व राज्य मंत्री बाबूलाल नागर की गिरफ्तारी की संभावनाएं प्रबल होती जा रही हैं. पीडि़त युवती ने शहर की निचली अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिए हैं. आज सुबह दुष्कर्म की शिकार बनी युवती ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बंद कमरे में 164 के बयान दर्ज कराए हैं.BABULAL_NAGAR

पीडि़ता के बयान होने के बाद अब नागर की गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई है. लेकिन अब देखना ये है कि सीआईडी उन्हें कब गिरफ्तार करेगी. बताया जा रहा है कि पीडि़त युवती ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में वही बताया है जो एफआईआर में दर्ज कराया गया है.

उधर पीडि़त युवती को मामला वापस लेने के लिए 10 करोड़ रुपए के ऑफर की बात सामने आई है. हालांकि पीडि़ता ने रुपयों के लालच नहीं आने का फैसला लिया है. पीडि़ता ने कहा कि पहले धमकी मिली, फिर मंत्री के भाई के गुर्गों ने 10 करोड़ देने तक का ऑफर भी किया. उधर पीडि़ता ने अपने बेटे के अपहरण की आशंका भी व्यक्त की है.

इससे पहले सीआईडी टीम ने अढाई घण्टे पीडि़ता से चर्चा की और उसे हिम्मत बंधाते हुए कहा कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है. आपकी सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है. प्रलोभन में आने की भी जरूरत नहीं. आपके साथ जो हुआ, वह मजिस्ट्रेट के समक्ष बताना है. अफसरों ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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  1. और उधर अशोक गहलोत ने अपने हाथों की छाँव दे कर इस मुकदमे को पहले से ही इतना कमजोर बना दिया है कि बाबूलाल अपने कुकर्मों को वजह से कोई सजा नहीं पा सकेंगे बल्कि वे शुद्ध सोने की तरह जगमगाते हुए प्रेस कांफ्रेंस में इतरायेंगे भी.पीडिता को तो न्याय मिलना ही नहीं, कहीं यह समाचार पढने को न मिले कि उसने खुद से खिन्न हो आत्म हत्या कर ली.जांच में देरी,विवादस्पद व्यक्ति कि जांच अधिकारी के रूप में नियुक्ति , नगर के टेस्ट में देरी इस बात का प्रयाप्त सबूत हैं कि सरकार इसे बड़े बेमन से यह सब कर रही है,,सोनिया व मनमोहनसिंह का दौरा बड़ा कारण बन गया है. सी बी आई को जाँच न देना क्या वजह हो सकती है.अब आज गहलोत की दुष्कर्मों की माला में चौथा मनका और जुड़ गया है.क्या सभी मंत्री सरकारी काम काज के बजाय इस कार्य में ही जुटे थे.न जाने दो महीनों में कुछ और भी जुड़ जाये.धन्य हैं स्वघोषित गांधीजी,व उनके सहयोगी.हे राम.

  2. और उधर अशोक गहलोत ने अपने हाथों की छाँव दे कर इस मुकदमे को पहले से ही इतना कमजोर बना दिया है कि बाबूलाल अपने कुकर्मों को वजह से कोई सजा नहीं पा सकेंगे बल्कि वे शुद्ध सोने की तरह जगमगाते हुए प्रेस कांफ्रेंस में इतरायेंगे भी.पीडिता को तो न्याय मिलना ही नहीं, कहीं यह समाचार पढने को न मिले कि उसने खुद से खिन्न हो आत्म हत्या कर ली.जांच में देरी,विवादस्पद व्यक्ति कि जांच अधिकारी के रूप में नियुक्ति , नगर के टेस्ट में देरी इस बात का प्रयाप्त सबूत हैं कि सरकार इसे बड़े बेमन से यह सब कर रही है,,सोनिया व मनमोहनसिंह का दौरा बड़ा कारण बन गया है. सी बी आई को जाँच न देना क्या वजह हो सकती है.अब आज गहलोत की दुष्कर्मों की माला में चौथा मनका और जुड़ गया है.क्या सभी मंत्री सरकारी काम काज के बजाय इस कार्य में ही जुटे थे.न जाने दो महीनों में कुछ और भी जुड़ जाये.धन्य हैं स्वघोषित गांधीजी,व उनके सहयोगी.हे राम.

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