अन्ना के अनशन में शामिल होंगे रामदेव के हजारों समर्थक

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योगगुरू बाबा रामदेव ने अन्ना हजारे की टोली के साथ दरार की अटकलों को खारिज करते हुए अपने समर्थकों से नई दिल्ली में बुधवार को अन्ना के एक दिन के सत्याग्रह में शामिल होने के लिए कहा। 

रामदेव ने कहा, ‘हम अन्ना हजारे के साथ हैं। अन्ना और मेरे बीच कोई मतभेद नहीं है। अन्ना के आंदोलन में शामिल होने के लिए हमारे हजारों कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे। हमें इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। सरकार ने लोकपाल बिल के आंदोलन को दबा दिया।’

हजारे और लोकपाल बिल ड्राफ्ट कमिटी में शामिल सिविल सोसायटी के अन्य सदस्य शनिवार की रात रामलीला मैदान में रामदेव के सत्याग्रह पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में बुधवार को एक दिन के अनशन पर बैठेंगे।

रामदेव ने कहा कि वह तब तक अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे जब तक सरकार कालेधन और भ्रष्टाचार पर उनकी मांगों को नहीं मान लेती।

उन्होंने कहा, ‘हमारा अनशन चार जून से चल रहा है। इस बारे में कोई संशय नहीं होना चाहिए। यह तब तक चलेगा जब तक पूरा देश भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ एक नहीं हो जाता। हम इस सरकार को जगाने के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं। यदि वह नहीं जागती तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शन होंगे।’

रामदेव ने कहा कि उनके अनेक समर्थक दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं और उन्होंने सरकार से उनके नाम देने को कहा है ताकि वह उनकी मदद कर सकें।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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