/* */

प्रभारी मंत्री काफिले सहित भागे…

admin
Page Visited: 34
0 0
Read Time:3 Minute, 12 Second

बाड़मेर, रविवार को प्रभारी मंत्री दिलीप चौधरी राजीव गाँधी सेवा केंद्र का लोकार्पण करने के बाद जब एक सभा को संबोधित करने के बाद तय कार्यक्रम के तहत उन्हें सर्किट हाउस जाना था इस दौरान ही उनके साथ कई और मंत्री और विधायक सहित कई नेता और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे लेकिन जब उन्हें इस बात कि भनक पड़ी कि रिफाइनरी बचाओ संघर्ष समिति  के लोगो रास्ते में उनका विरोध काले झंडे से करने वाले है तो मंत्री जी के साथ ही पुलिस के हाथ पैर फूल गए और पुलिस ने आनन फानन में धरने पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और उसके बाद पुलिस के अधिकारियो ने  बाड़मेर शहर के विभिन्न रास्ते और गलियों से मंत्री जी के काफिले को शहर के बाहर सर्किट हाउस पहुचाया तब जाकर मंत्री और प्रशासन ने राहत की साँस ली.dilip chaudhary

इस कड़ी में  रिफाइनरी को लीलाला में लगाए जाने की मांग को लेकर बाड़मेर शहर में दर्जनों लोगो जिला कलक्टर के आगे आने जाने वाले लोगो को काले झंडे दिखाकर  सरकार को चेताया कि अगर उनकी माग नहीं मानी गई तो यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी 22 सितंबर को सुबह 11 बजे रिफाइनरी का शिलान्यास का भू पुरजोर तरीके से  विरोध किया जाएगा.

गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद बाड़मेर के पचपदरा में लगने वाली रिफाइनरी के शिलान्यास कार्यक्रम को हरी झंडी मिल गई है. यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी 22 सितंबर को सुबह 11 बजे रिफाइनरी का शिलान्यास करेंगी. वे यहां जनसभा को भी संबोधित करेंगी. वही दूसरी और कि अगर सरकार ने रिफाइनरी को लीलाला नहीं लगाया तो आने वाले विधानसभा और  लोकसभा चुनावो में कांग्रेस को इस बात का खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इस आन्दोलन के ही चलते बाड़मेर जिले मेंसूबे के मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत बाड़मेर नहीं आ प् रहे है ऐसे में सरकार और प्रशाशन के लिए सबसे बड़ी चुनोती यह है कि यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के बाड़मेर दौर के दोहरान कोई हंगामा न हो जाए. इसलिए अब पुलिस और खुफिया विभाग अब रिफाइनरी बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े नेताओ हर हरकत पर नजर रखे हुए है और पल पल की रिपोर्ट जयपुर जा रही है.

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

दूध मांगा तो खीर देंगे, काश्मीर मांगा तो चीर देंगे...

भारत, भाजपा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद-6 -दीप पाठक|| अगर ओमप्रकाश केजरीवाल साब की बात मानें तो पच्छिम का कहना था “भारत […]

आप यह खबरें भी पसंद करेंगे..

Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram