इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

आसाराम के नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में फंसने के बाद आसाराम की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब विभिन्न राज्यों में आसाराम द्वारा अवैध रूप से ज़मीने कब्ज़ा कर बनाये गए आश्रमों पर भी कानून का ग़ाज़ गिर रही है.

अभी उत्तराखंड के आश्रमों की जांच चल ही रही थी कि राजस्थान के भीलवाड़ा में सरकारी भूमि पर आसाराम द्वारा अवैध रूप से किये गए निर्माण तोड़े जाने की खबर है. आरोप है कि आसाराम ने हरनी खुर्द गांव के पास चार बीघा सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया और उस पर आश्रम के नाम पर निर्माण करा लिया था.Asaram-ashram-b27773

भीलवाड़ा प्रशासन के सूत्रों के अनुसार कुछ साल पहले आश्रम के लिए तीन बीघा जमीन आवंटित की गई थी लेकिन उसके बाद नजदीकी जमीन को अवैध रूप से घेर लिया गया. जिला कलेक्टर ओंकार सिंह ने बताया है कि हमने चहारदीवारी गिराकर घेरी गई जमीन को वापस ले लिया है. यह कार्रवाई आश्रम के बारे में प्राप्त एक शिकायत पर की गई.

उत्तराखंड में भी आसाराम की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. टिहरी प्रशासन ने चवालखेत आश्रम की रजिस्ट्री में फेरबदल के कारण और सी ब्लॉक में टिहरी विस्थापितों के प्लॉटों पर कब्जों के चलते दोनों आश्रमों को अवैध बताते हुए उनका चालान कर दिया है. इससे पहले जिला प्रशासन आसाराम के नीरगड्डू आश्रम को भी एक सप्ताह में खाली करने के निर्देश दे चुका है. नई टिहरी में आसाराम के आश्रमों पर प्रशासन का शिंकजा लगातार कसता जा रहा है. मंगलवार को प्रशासन ने ऋषिकेश में नीरगड्डू के आश्रम को एक सप्ताह में खाली कराने के आदेश जारी किए. प्रशासन की टीम ने नई टिहरी के दो अन्य आश्रमों का भी मौका मुआयना किया था. आश्रम निर्माण में अनियमिताओं को देखते हुए गुरुवार को प्रशासन ने चवालखेत आश्रम का चालान काट दिया. गौरतलब है सोमवार को आश्रम के सेवादारों ने आश्रमों के दस्तावेज प्रशासन के सामने प्रस्तुत किए थे जिसमें चवालखेत आश्रम की रजिस्ट्री दूसरी जगह दर्शायी गई थी. देर शाम सी ब्लॉक स्थित आश्रम का मौका मुआयना करके लौटी टीन ने इसे अवैध कब्जा बताते हुए, इस का चालान कर दिया. टीम नक्शे और निर्माण की जांच कर रही थी. सी ब्लॉक का आश्रम दो प्लाट में बनाया गया है, जो टिहरी विस्थापितों को आवंटित किए गए थे.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
No tags for this post.

By admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 thoughts on “आसाराम का भीलवाड़ा में अवैध कब्ज़ा कर बनाया गया आश्रम धराशायी…”
  1. वाह घोटाले राम जी.क्या नाम कमाया आपने भी, जनता को त्याग भक्ति का पाठ पढ़ाने वाले वास्तविक जीवन में कितने ईमानदार होते हैं, यह तो एक मिसाल मात्र है, यदि और लोगों की जांच की जाये तो बहुत कुछ मिलेगा, पर ऐसा होगा नहीं क्योंकि सबको राजनितिक संरक्षण प्राप्त है.जनता भी जब सब कुछ जानते हुए इन के चक्कर में पड़कर बेवकूफ बनती है तो क्या ईलाज.अभी तो छोटे बड़े बहुत आसाराम अपनी दुकान खोले बैठे हैं.

  2. वह घोटाले राम जी.क्या नाम कमाया आपने भी, जनता को त्याग भक्ति का पाठ पढ़ने वाले वास्तविक जीवन में कितने ईमानदार होते हैं,यह तो एक मिसाल मात्र है,यदि और लोगों की जांच की जाये तो बहुत कुछ मिलेगा, पर ऐसा होगा नहीं क्योंकि सबको राजनितिक संरक्षण प्राप्त है.जनता भी जब सब कुछ जानते हुए इन के चक्कर में पड़कर बेवकूफ बनती है तो क्या ईलाज.अभी तो छोटे बड़े बहुत आसाराम अपनी दुकान खोले बैठे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son