दुनिया के क्रूर तानाशाह प्रेरणा लें भारत सरकार से

admin
Read Time:2 Minute, 44 Second

सुशील अवस्थी – बाबा रामदेव के सत्याग्रह आन्दोलन कारियों पर अत्याचार करके केंद्र सरकार ने लोगों के मन में उसके लिए बची थोड़ी बहुत सहानुभूति भी गँवा दी है| पहले ही यह सरकार भ्रष्टाचार का बड़ा काला टीका लगाये घूम रही थी| अब तो इस सरकार के मन की सारी कालिख देश को दिख गयी है| राहुल गांधी अब आपका प्रधान मंत्री बनना नामुमकिन ही नहीं असंभव हो चुका है,तुम्हे और तुम्हारी माता श्री को आनेवाले दिनों में जनता के कोप का सामना करना ही पड़ेगा|
गिलानी जैसा देश द्रोही दिल्ली में आकर प्रेस वार्ता कर सकता है लेकिन बाबा अनशन नहीं क्यों? अफजल गुरु और कसाब की सेवा चाकरी में लगी इस सरकार को आधे घंटे भी सत्ता में रहने का हक़ नहीं है| दिग्विजय सिंह इस सरकार का असली चेहरा है| जो बाबा जैसे देशभक्त को ठग बताता है लेकिन आतंकियों के कसीदे पढता है|

दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत को इस निकम्मी केंद्र सरकार के रवैये से बार-बार शर्मसार होना पड़ रहा है| भारत की जनता को इस सरकार के कार्यकाल पूरा करने का इन्तजार नहीं करना चाहिए| इस सरकार के लोकतंत्र विरोधी रवैये से हिटलर,मुसोलिनी,होस्नी मुबारक और गद्दाफी भी प्रेरणा ले सकते हैं, और जनता को उत्पीडित करने के नए तरीके सीख सकते हैं| अब देश जान चुका है कि विदेशों में जमा अरबों रुपये का काला धन इन्ही काले कांग्रेसियों का ही है| बाबा इन अत्याचारियों के अत्याचार सहकर मजबूत हो रहा है| बाबा के आसू की एक-एक बूंद का हिसाब केंद्र सरकार संचालकों को देना ही होगा| प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा की नपुंसकता भी इस सरकार को निरंकुश बनाने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है| शायद अब भाजपा की आँखें खुले? उसे बाबा का शुक्रगुजार भी होना चाहिए कि जो काम उसे प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते करना चाहिए था वह बाबा ने कर दिखाया है|

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

अन्ना के अनशन में शामिल होंगे रामदेव के हजारों समर्थक

योगगुरू बाबा रामदेव ने अन्ना हजारे की टोली के साथ दरार की अटकलों को खारिज करते हुए अपने समर्थकों से नई दिल्ली में बुधवार को अन्ना के एक दिन के सत्याग्रह में शामिल होने के लिए कहा।  रामदेव ने कहा, ‘हम अन्ना हजारे के साथ हैं। अन्ना और मेरे बीच […]
Facebook
%d bloggers like this: