आसाराम नम्बरी तो नारायण साईं दस नम्बरी…

Page Visited: 249
0 0
Read Time:4 Minute, 4 Second

बाप नम्बरी तो बेटा दस नम्बरी.  अपने बाप की कुकर्मी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए नारायण साईं ने एक तलाकशुदा स्त्री को मदद के नाम पर धोखा  दिया और उसका विवाह एक ऐसे इंसान से करवा दिया जो धोखेबाज था और अपनी ही जमीन का इस्तेमाल अय्याशी के अड्डे बतौर करता था.  महिला और उसका पूरा परिवार आसाराम और नारायण साईं को देव तुल्य मानता  था.narayan-sai

इस कारण उससे कुछ सोचने या शंका करने की आवश्यकता नही समझी पढ़ी लिखी  होने वावजूद यह लड़की इस झांसे में आ गयी 10 दिसम्बर 2004 को  इंदौर स्थित  एक फार्म हाउस  में बुलाकर  उसका परिचय ईश्वर वाधवानी से अपना भक्त व  करीबी कहकर करवाया गौरतलब ये की यह फार्म हाउस  ईश्वर वाधवानी का ही था. दोपहर दो बजे के करीब महिला का विवाह उसके परिजन की अनुपस्थिति  में करवाया जबकि वर  के परिजन मौजूद  थे अन्रायण साईं पर अटूट विश्वास होने के कारण महिला ने ईश्वर का आदेश समझ यह स्वीकार किया और नारायण साईं ने महिला के परिजन को फ़ोन द्वारा सूचित किया और आशीर्वाद देकर ससुराल भेजने को कहा पैर धोखा  से अनजान  महिला को 3 माह  के बाद अपने साथ हुए छल का भान हुआ उससे यह पता चला कि जिसके साथ उसका विवाह हुआ है वह तलाकशुदा नही है. इस पर तो उस महिला  के पांवों तले से ज़मीन ही खिसक गई. महिला को गर्भपात  करवाने की धमकी दी जा रही थी. तमाम कष्टों का सामना करते हुए यह महिला मायके आ गयी.

जब महिला को ज्ञात हुआ कि अपने जन्मदिन पर नारायण साईं महू में प्रवचन देने आ रहे है तो वह नारायण साईं के पास अपने साथ हुए अन्याय की शिकायत करने और उन्होंने उसके जीवन के साथ खिलवाड़ क्यों किया यह जानने पहुची. परन्तु  इस कुटिल नारायण साईं ने महिला के ऊपर पहले से बुरी नज़र होने के कारण उसके साथ अश्लील हरकत की जिस  कारण उस महिला का विश्वास ईश्वर पर से उठ गया.

अनेको मुसीबतों का सामना करते हुए उसने हरि  नाम के बालक को जन्म दिया. परन्तु उसके पति ने बच्चे को अपनाने  से इंकार कर दिया तब से यह महिला अपने हक के लिए लड़ रही है. 2004 में महिला ने दहेज उत्पीडन का मामला दर्ज  करवाया परन्तु नारायण स्वामी की करतूत  का उल्लेख नही किया. यही नहीं इतने रसूखदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला होने के कारण उसे वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ा.

अब महिला को आसाराम की करतूतों के समाचारों में आने और उसकर जेल जाने से हिम्मत मिली और तमाम धमकियों को दरकिनार करते हुए वह वह एसपी अनिल कुशवाह के ऑफिस शिकायत के साथ गुरुवार को जा पहुंची लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौटी.

अब महिला नारायण साईं और उनके अजीज ईश्वर वाधवानी के खिलाफ कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करने जा रही है, इस आशा  के साथ कि उसे न्याय मिले और उसके बेटे को पिता का नाम मिले साथ ही नारायण सांई  को उसके कुकर्मो की सजा प्राप्त हो.

 

 

 

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram