इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

चुनावी मैदान में निष्कलंक और साफ सुथरी छवि वाले उम्मीदवार उतारने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) का दावा कितना खोखला है इसका राज फाश दिल्ली पुलिस ने कर दिया है. करोलबाग के अपहरण मामले में दिल्ली पुलिस के अनुसार इस अपहरण का मुख्य आरोपी चकित रवि करोलबाग के पूर्व एमएलए के.सी. रवि का बेटा है. उसका सगा भाई विशेष रवि फिलहाल करोलबाग इलाके से आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार है.

आप का नेता विशेष रवि
आप का नेता विशेष रवि

करोलबाग में जिम चलाने वाले चकित रवि को अपने ही एक दोस्त को अपहरण करके उससे 20 लाख की फिरौती वसूलने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. रोहिणी पुलिस के मुताबिक चकित रवि ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 25 अगस्त को देर रात अपने एक कारोबारी दोस्त हितेश बंसल को अपहरण किया और 20 लाख की फिरौती मांगी थी. इन लोगों ने हितेश के परिवार वालों को रिठाला मेट्रो स्टेशन बुलाया लेकिन पुलिस ने उनको मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था. आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार विशेष रवि ने इसे एक राजनीतिक साजिश बताया है.

करोलबाग से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी विशेष रवि के भाई चकित रवि पर अपहरण का केस दर्ज हो गया है. चकित पर अपने ही दोस्त के अपहरण का आरोप है. इस मामले के सामने आने से साफ छवि का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है. आप के विरोधियों ने भी आम आदमी पार्टी पर उंगलियां उठाना शुरू कर दिया है. विशेष रवि को 15 दिन पहले ही करोलबाग से टिकट मिला था. विशेष रवि ने इस मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है. विशेष रवि के पिता के.सी रवि भी बीजेपी से करोलबाग के पार्षद रह चुके हैं.

करोलबाग से कांग्रेस नेता मदन खोड़वाल के अनुसार पूरे मीडिया में हल्ला है, वे इस बात को झुठला नहीं सकते. जब अपराध किया है तभी आरोप लगे हैं. मेरे ऊपर तो आज तक एक मामूली चालान का केस भी नही है.

मदन खोड़वाल का कहना है कि आरोपी ने जुर्म किए हैं और उसके बाद ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. अब फैसला कोर्ट को करना है कि वे दोषी हैं या नहीं.

इस मामले में विशेष रवि का कहना है कि 15 दिन पहले उन्हें टिकट मिला है. उसके बाद विरोधियों ने मुझे बदनाम करने के लिए साजिश की है.

विशेष रवि के पिता केसी रवि बीजेपी से करोलबाग इलाके का काउंसलर रह चुके हैं. विशेष रवि का कहना है कि वे 8 साल पहले राजनीति छोड़ चुके हैं. उन्‍होंने कहा, ‘उस वक्त वो अपनी इच्छा से बीजेपी में थे और अब मैं अपनी इच्छा से आम आदमी पार्टी से जुड़ा हूं. इसमें मेरे घरवालो का कोई दबाब नही है.’

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
No tags for this post.

By admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

×

फेसबुक पर पसंद कीजिये

Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son