झाड़-फूंक के बहाने नाबालिग से रेप करने वाले आसाराम बापू के खिलाफ FIR…

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-ललित वत्स||

नई दिल्ली.. विवादित संत आसाराम बापू के खिलाफ दिल्ली में रेप का केस दर्ज किया गया है. मध्य जिला के कमला मार्केट थाने में पीड़ित नाबालिग लड़की की शिकायत पर रेप (दफा- 376), छेड़खानी (दफा-354) और धमकी देने (दफा- 509) का मामला दर्ज हुआ है. शिकायत करने वाली 16 वर्षीय लड़की आसाराम बापू के ही छिंदवाड़ा स्थित गुरुकुल में 12वीं क्लास में पढ़ रही थी. आरोप के मुताबिक, घटना राजस्थान में जोधपुर के पास एक जगह की है. इसलिए दिल्ली पुलिस ने मामला जोधपुर पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है. दिल्ली पुलिस की एक टीम भी जोधपुर रवाना हो गई है.

साधू या शैतान
साधू या शैतान

दूसरी तरफ, आसाराम बापू की प्रवक्ता नीलम दुबे ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है, ‘आसाराम बापू को बदनाम करने के लिए आरोप लगाए जा रहे हैं. जांच होने दीजिए, सचाई सबके सामने आ जाएगी.’

सूत्रों ने बताया कि घटना अगस्त के पहले सप्ताह की है. आरोप लगाया गया है कि छिंदवाड़ा गुरुकुल में लड़की की तबीयत खराब हुई थी, तो उत्तर प्रदेश में रहने वाले उसके माता-पिता को सूचना दी गई. माता-पिता गुरुकुल पहुंचे तो उनसे कहा गया कि लड़की की तबीयत में फिलहाल सुधार है, लेकिन पूरी तरह से ठीक करने के लिए झाड़-फूंक और अनुष्ठान की जरूरत है. अनुष्ठान खुद बापू ही करेंगे और वह इस समय जोधपुर के पास एक जगह ठहरे हैं, इसलिए लड़की को वहीं ले जाओ.

गुरुकुल में मिली इस सलाह के हिसाब से लड़की के माता-पिता उसे जोधपुर के नजदीक उस स्थान पर ले गए, जहां आसाराम बापू ठहरे थे. आरोप है कि बापू ने अभिभावकों को वहां से चले जाने और लड़की को उनके पास छोड़ जाने को कहा. बापू ने कहा कि रात भर की पूजा और अनुष्ठान से लड़की हमेशा के लिए ठीक हो जाएगी. आरोप है कि बापू ने यह भी कहा कि वह लड़की को दैवीय शक्ति देकर बड़ी वक्ता भी बना देंगे.

आसाराम बापू के आश्वासन पर अभिभावक अपनी बेटी को वहीं छोड़ चले गए. रात में लड़की पर सेक्सुअल असॉल्ट किया गया. लड़की को मानसिक रूप से बुरी तरह डरा दिया गया. इसीलिए लड़की ने अगले दिन अपने अभिभावकों को इस बारे में नहीं बताया. अभिभावक अपने घर लौट गए. कुछ दिन बाद लड़की घर आई. तब उसने सारी बात अपने माता-पिता को बताई. वे लड़की को लेकर यहां रामलीला मैदान में चल रहे समागम के लिए पहुंचे. किसी से मुलाकात नहीं हो पाई. तभी उन्होंने कमला मार्केट थाने में लड़की का बयान कराके एफआईआर दर्ज करा दी.

आसाराम बापू का विवादों से रिश्ता बेहद पुराना है. चाहे दिल्‍ली में गैंग रेप की शिकार छात्रा के खिलाफ दिया आपत्तिजनक बयान हो या फिर विरोध किए जाने पर मीडियाकर्मियों के साथ बदतमीजी का मामला. आसाराम ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा था कि अगर वह छात्रा उनके सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती, उन्‍हें भाई बना लेती तो शायद उनका दिल पिघल जाता और वो उसे छोड़ देते. इसके अलावा आसाराम ने उस रेप पीड़िता के चरित्र पर भी सवाल खड़े किए थे. उन पर गुजरात और मध्य प्रदेश में अवैध रूप से जमीन हड़पने के भी आरोप हैं.

(सौ: नभाटा)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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24 thoughts on “झाड़-फूंक के बहाने नाबालिग से रेप करने वाले आसाराम बापू के खिलाफ FIR…

  1. bapu k samarthako tumhara ladki k rape hoga tab bhi yahi bologe kya sach me ladkiya Aurat hona hi Apradh hai

  2. khud ma bap ko bhi apne vivek ka paryog karana chahiye tha ladaki ko vaha nahi chodana chahiye tha -mamle ki nispaksh janch honi chahiye -dosi ko saja milani hi chahiye.

  3. khud ma bap ko bhi apne vivek ka paryog karana chahiye tha ladaki ko vaha nahi chodana chahiye tha -mamle ki nispaksh janch honi chahiye -dosi ko saja milani hi chahiye.

  4. मुझे लगता है कि बापू आषाराम के विरूद्ध की गयी भयानक साजिष है….
    एैसा नही हो सकता……….

  5. मुझे लगता है कि बापू आषाराम के विरूद्ध की गयी भयानक साजिष है….
    एैसा नही हो सकता……….

  6. हर कार्य की एक सीमा होती है,किसी भी अच्छे दुष्करम के समापन का भी एक समय आता ही है.न जाने ईश्वर कब तक कितने कर्म करा, इनका अंत कर फल चुकाता है.आज के वैज्ञानिक युग में झाड फूंक करने वाले व उनमें विश्वास कर इन की बातों में आने वाले दोनों ही अग्यानी मुर्ख हैं. क्या होगा? यह ईश्वर जानता है,कानून नियमों व सबूतों पर चल फैसला करता है.बाक़ी जो यदि हुआ गलत हुआ आसाराम बापू उमर के इस पड़ाव पर आ अपने को विवादों में बार बार खड़ा लेते हैं यह क्या उपदेश देते है? शायद अनुयाई भी अब भी न समझ सकें हैं.उनकी आँखों से अभी चश्मा उतरा नहीं है.पर लगता है,धुआं है तो आग भी कहीं होगी.ही.आखिर स्वच्छ छवि वाले और भी कथा वाचक हैं,सारे तो नहीं,पर कुछ और भी इन जैसी प्रतिभा वाले जो विवादों से घिरे रहें है.

  7. हर कार्य की एक सीमा होती है,किसी भी अच्छे दुष्करम के समापन का भी एक समय आता ही है.न जाने ईश्वर कब तक कितने कर्म करा, इनका अंत कर फल चुकाता है.आज के वैज्ञानिक युग में झाड फूंक करने वाले व उनमें विश्वास कर इन की बातों में आने वाले दोनों ही अग्यानी मुर्ख हैं. क्या होगा? यह ईश्वर जानता है,कानून नियमों व सबूतों पर चल फैसला करता है.बाक़ी जो यदि हुआ गलत हुआ आसाराम बापू उमर के इस पड़ाव पर आ अपने को विवादों में बार बार खड़ा लेते हैं यह क्या उपदेश देते है? शायद अनुयाई भी अब भी न समझ सकें हैं.उनकी आँखों से अभी चश्मा उतरा नहीं है.पर लगता है,धुआं है तो आग भी कहीं होगी.ही.आखिर स्वच्छ छवि वाले और भी कथा वाचक हैं,सारे तो नहीं,पर कुछ और भी इन जैसी प्रतिभा वाले जो विवादों से घिरे रहें है.

  8. हर कार्य की एक सीमा होती है,किसी भी अच्छे दुष्करम के समापन का भी एक समय आता ही है.न जाने ईश्वर कब तक कितने कर्म करा, इनका अंत कर फल चुकाता है.आज के वैज्ञानिक युग में झाड फूंक करने वाले व उनमें विश्वास कर इन की बातों में आने वाले दोनों ही अग्यानी मुर्ख हैं. क्या होगा? यह ईश्वर जानता है,कानून नियमों व सबूतों पर चल फैसला करता है.बाक़ी जो यदि हुआ गलत हुआ आसाराम बापू उमर के इस पड़ाव पर आ अपने को विवादों में बार बार खड़ा लेते हैं यह क्या उपदेश देते है? शायद अनुयाई भी अब भी न समझ सकें हैं.उनकी आँखों से अभी चश्मा उतरा नहीं है.पर लगता है,धुआं है तो आग भी कहीं होगी.ही.आखिर स्वच्छ छवि वाले और भी कथा वाचक हैं,सारे तो नहीं,पर कुछ और भी इन जैसी प्रतिभा वाले जो विवादों से घिरे रहें है.

  9. हर कार्य की एक सीमा होती है,किसी भी अच्छे दुष्करम के समापन का एक समय आता ही है.न जाने इश्वर कब तक कितने कर्म करा इनका अंत कर फल चुकता है.आज के वैज्ञानिक युग में झड फूंक करने वाले व उनमें विश्वास कर इन की बातों में आने वाले दोनों ही अग्यानी मुर्ख हैं. क्या होगा? यह इश्वर जनता है,कानून नियमों व सबूतों पर चल फैसला करता है.बाक़ी जो यदि हुआ गलत हुआ आसाराम बापू उअर के इस पड़ाव पर आ अपने को विवादों में बार बार खड़ा पाते हैं यह के उपदेश देते है? शायद अनुयाई भी अब भी न समझ सकें हैं.उनकी आँखों से अभी चश्मा उतरा नहीं है.पर लगता है,धुओं है तो आग भी कहीं होगी.

  10. हर कार्य की एक सीमा होती है,किसी भी अच्छे दुष्करम के समापन का एक समय आता ही है.न जाने इश्वर कब तक कितने कर्म करा इनका अंत कर फल चुकता है.आज के वैज्ञानिक युग में झड फूंक करने वाले व उनमें विश्वास कर इन की बातों में आने वाले दोनों ही अग्यानी मुर्ख हैं. क्या होगा? यह इश्वर जनता है,कानून नियमों व सबूतों पर चल फैसला करता है.बाक़ी जो यदि हुआ गलत हुआ आसाराम बापू उअर के इस पड़ाव पर आ अपने को विवादों में बार बार खड़ा पाते हैं यह के उपदेश देते है? शायद अनुयाई भी अब भी न समझ सकें हैं.उनकी आँखों से अभी चश्मा उतरा नहीं है.पर लगता है,धुओं है तो आग भी कहीं होगी.

  11. हर कार्य की एक सीमा होती है,किसी भी अच्छे दुष्करम के समापन का एक समय आता ही है.न जाने इश्वर कब तक कितने कर्म करा इनका अंत कर फल चुकता है.आज के वैज्ञानिक युग में झड फूंक करने वाले व उनमें विश्वास कर इन की बातों में आने वाले दोनों ही अग्यानी मुर्ख हैं. क्या होगा? यह इश्वर जनता है,कानून नियमों व सबूतों पर चल फैसला करता है.बाक़ी जो यदि हुआ गलत हुआ आसाराम बापू उअर के इस पड़ाव पर आ अपने को विवादों में बार बार खड़ा पाते हैं यह के उपदेश देते है? शायद अनुयाई भी अब भी न समझ सकें हैं.उनकी आँखों से अभी चश्मा उतरा नहीं है.पर लगता है,धुओं है तो आग भी कहीं होगी.

  12. ऐसे तो कई जूठे आरोप बापूजी पे लगे है
    कोई भी आरोप सच नहीं निकला.

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